डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा : भू-राजनीतिक तनाव के बीच ‘सुपर-मुलाकात’ की तैयारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। चीनी विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक पुष्टि की है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विशेष निमंत्रण पर 13 मई से 15 मई तक चीन के राजकीय दौरे पर रहेंगे।
तीन दिनों की इस उच्च-स्तरीय यात्रा का मुख्य उद्देश्य वाशिंगटन और बीजिंग के बीच बिगड़ते रिश्तों को पटरी पर लाना और आपसी हितों के जटिल मुद्दों पर संवाद स्थापित करना है। चीनी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार, इस बैठक में व्यापार, सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय विषयों पर गहन चर्चा होने की संभावना है।
तनाव की पृष्ठभूमि: होर्मुज जलडमरूमध्य का विवाद
ट्रंप की इस यात्रा से ठीक पहले दोनों देशों के बीच संबंधों में काफी कड़वाहट देखी गई है। पिछले महीने चीन ने अमेरिका को कड़े लहजे में चेतावनी दी थी कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में किसी भी प्रकार की सैन्य या नौसैनिक नाकाबंदी न करे।
चीन का रुख: चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने स्पष्ट किया है कि ईरान के साथ चीन के व्यापारिक और ऊर्जा समझौते बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि चीन के आंतरिक मामलों और ऊर्जा सुरक्षा में दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ऊर्जा का संकट: चीन के लिए यह जलमार्ग जीवन रेखा के समान है। बीजिंग अपनी जरूरत का 40% कच्चा तेल और लगभग 30% एलएनजी (LNG) इसी रास्ते से आयात करता है।
डॉलर बनाम युआन: आर्थिक युद्ध की आहट
विशेषज्ञों का मानना है कि इस यात्रा के दौरान आर्थिक संप्रभुता का मुद्दा भी हावी रहेगा। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी का एक बड़ा उद्देश्य चीनी युआन के बढ़ते प्रभाव को रोकना माना जा रहा है।
मुख्य चिंता: कई व्यापारिक जहाज खाड़ी क्षेत्र में लेनदेन के लिए अब युआन का उपयोग कर रहे हैं। इसे दशकों पुरानी ‘पेट्रोडॉलर’ व्यवस्था के लिए एक सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। अमेरिका इसे प्रतिबंधों से बचने के चीन के एक चालाक जरिए के रूप में देख रहा है, जिसे रोकने के लिए ट्रंप प्रशासन सख्त कदम उठा सकता है।
अब पूरी दुनिया की निगाहें 13 मई को होने वाली इस ‘सुपर-मुलाकात’ पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था किस दिशा में मुड़ेगी।
















