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नर्सिंग सेवा का सर्वोच्च सम्मान : राष्ट्रपति मुर्मु ने स्वास्थ्य योद्धाओं को फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से नवाजा

नई दिल्ली (एजेंसी)। अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रपति भवन में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहाँ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश के समर्पित नर्सिंग पेशेवरों को वर्ष 2026 के राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से सम्मानित किया। इस गरिमामय समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा भी उपस्थित रहे।

राष्ट्रपति ने नर्सिंग जगत की सराहना करते हुए कहा कि ये स्वास्थ्य कर्मी सेवा और समर्पण की जीती-जागती मिसाल हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने में नर्सों की भूमिका अद्वितीय है।

सम्मानित होने वाले प्रमुख व्यक्तित्व

इस वर्ष विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनिंदा स्वास्थ्य कर्मियों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए चुना गया। पुरस्कार पाने वालों की सूची में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

उत्तर एवं मध्य भारत: पूजा परमार राणा (उत्तराखंड), पूनम वर्मा (चंडीगढ़), श्रवण कुमार ढाका (दिल्ली)।

दक्षिण भारत: डॉ. आर. शंकर षणमुगम (तमिलनाडु), मंजुमोल वीएस (केरल), कबिता जगन्नाथ (कर्नाटक)।

पूर्वोत्तर एवं अन्य: लालेंथांगी हनामते (मिजोरम), मधु माला गुरुंग (सिक्किम), कुलविंदर परही (लेह), उज्वला महादेव सोयम (महाराष्ट्र)।

सशस्त्र बल: भारतीय सेना की मेजर जनरल लिसाम्मा पीवी को भी उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

पुरस्कार का महत्व और स्वरूप

यह पुरस्कार उन पंजीकृत नर्सों, एएनएम और मिडवाइव्स को दिया जाता है जो सरकारी या स्वैच्छिक संगठनों के माध्यम से समाज की निस्वार्थ सेवा कर रही हैं।

पुरस्कार घटक, विवरण

प्रमाण पत्र, योग्यता और विशिष्ट सेवा का प्रमाण
नकद राशि,”₹1,00,000 (एक लाख रुपये)”
पदक,राष्ट्र की कृतज्ञता का प्रतीक

क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस?

आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल की जयंती को चिह्नित करने के लिए हर साल यह दिवस मनाया जाता है। उनके सिद्धांतों ने ही विश्व भर में स्वास्थ्य देखभाल की नींव को मजबूत किया है।

वर्ष 2026 की थीम:

इस वर्ष का विषय “हमारी नर्सें, हमारा भविष्य, सशक्त नर्सें जीवन बचाती हैं” रखा गया है। यह विषय स्पष्ट करता है कि यदि हम नर्सों को बेहतर सुविधाएं, सुरक्षित कार्य वातावरण और विकास के अवसर प्रदान करेंगे, तभी वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकता है।

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