‘आखरी सवाल’ के जरिए सिनेमा में वैचारिक बदलाव की कोशिश : निर्माता निखिल नंदा

मुंबई (एजेंसी)। इन दिनों बड़े पर्दे पर एक्शन और थ्रिलर फिल्मों का बोलबाला है, लेकिन इसी बीच संजय दत्त अभिनीत फिल्म ‘आखरी सवाल’ एक अलग तरह का सिनेमाई अनुभव लेकर आ रही है। हाल ही में फिल्म का टीज़र और ट्रेलर रिलीज किया गया, जिसे दर्शकों की ओर से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। फिल्म की साहसी और झकझोर देने वाली कहानी ने रिलीज से पहले ही सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।
लीक से हटकर एक नई कहानी
फिल्म के निर्माता निखिल नंदा का मानना है कि वर्तमान दौर के दर्शक अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि कुछ सार्थक और नया देखना चाहते हैं। फिल्म के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि ‘आखरी सवाल’ महज एक काल्पनिक कहानी नहीं है, बल्कि यह सच्ची घटनाओं और ठोस तथ्यों पर आधारित है। उनका उद्देश्य दर्शकों के सामने वो सच्चाई लाना है जो लंबे समय से अलग-अलग माध्यमों पर टुकड़ों में मौजूद थी।
मनोरंजन के साथ मंथन भी
निखिल नंदा ने फिल्म की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा:
“आज के दौर में दर्शक काफी परिपक्व हो चुके हैं। वे विविधता की तलाश में हैं। मारधाड़ वाली फिल्मों के बीच अगर कोई ऐसी फिल्म आती है जो समाज को सोचने पर मजबूर कर दे, तो वह एक स्वागत योग्य बदलाव होगा। हमने सोशल मीडिया पर वर्षों से चल रहे तथ्यों को जोड़कर एक स्पष्ट तस्वीर पेश करने की कोशिश की है। फिल्म देखने के बाद दर्शक खुद अपनी राय बना पाएंगे।”
मुख्य टीम और रिलीज की तारीख
इस फिल्म का निर्देशन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिजीत मोहन वारंग ने किया है। फिल्म के निर्माण में निखिल नंदा के साथ खुद संजय दत्त भी शामिल हैं। पटकथा और संवाद उत्कर्ष नैथानी द्वारा लिखे गए हैं। पुनीत नंदा, डॉ. दीपक सिंह, गौरव दुबे और उज्ज्वल आनंद ने सह-निर्माता के रूप में इस प्रोजेक्ट को अपना सहयोग दिया है।
यह प्रभावशाली ड्रामा 15 मई को देश भर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है।
















