मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश और फ्रांस के बीच बढ़ेगा औद्योगिक सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की निवेश पर चर्चा

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के संकल्प के साथ फ्रांसीसी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। मुख्यमंत्री निवास ‘समत्व भवन’ में आयोजित ‘इंडो-फ्रेंच इन्वेस्टमेंट कॉन्क्लेव’ के दौरान भारत और फ्रांस के बीच व्यापारिक रिश्तों को और मजबूती देने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

रणनीतिक भागीदारी पर जोर

बैठक में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू ने मध्यप्रदेश की क्षमता पर भरोसा जताते हुए कहा कि आगामी वर्ष होने वाली ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के मद्देनजर फ्रांस, मध्यप्रदेश के साथ दीर्घकालिक और रणनीतिक संबंध बनाने का इच्छुक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य, तकनीक और बुनियादी ढांचे जैसे विभिन्न क्षेत्रों में फ्रांस प्रदेश को हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

ऐतिहासिक मित्रता का नया अध्याय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों देशों के पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को याद करते हुए कहा:

परमाणु परीक्षण से राफेल तक: उन्होंने जिक्र किया कि 1998 के परमाणु परीक्षण के समय फ्रांस ने भारत का अडिग समर्थन किया था। आज फ्रांस का ‘राफेल’ फाइटर जेट भारत की सुरक्षा का प्रमुख हिस्सा है।

व्यापारिक सुगमता: यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को उन्होंने व्यापार के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताया, जिससे भविष्य में निवेश की नई राहें खुलेंगी।

मध्यप्रदेश: निवेश के लिए सबसे अनुकूल राज्य

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि सरकार उद्यमियों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने निवेश के लिए मध्यप्रदेश को आदर्श बताया क्योंकि:

कनेक्टिविटी: देश के केंद्र में स्थित होने के कारण यहाँ से परिवहन सुगम है।

संसाधन: यहाँ प्रचुर प्राकृतिक संपदा, पर्यटन की संभावनाएं और औद्योगिक शांति है।

पारदर्शिता: राज्य सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ निवेश नीतियों को लागू कर रही है।

वर्ष 2026: इस साल को प्रदेश में ‘कृषि आधारित उद्योगों’ को बढ़ावा देने के लिए समर्पित किया गया है।

महत्वपूर्ण समझौते और भागीदारी

कॉन्क्लेव के दौरान मध्यप्रदेश सरकार और फ्रांसीसी कंपनियों के बीच 8 अभिरुचि पत्र (LoIs) और स्वास्थ्य क्षेत्र में सनोफी (Sanofi) व राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के बीच एक विशेष अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए।

इस बैठक में प्रमुख सचिवों सहित ‘इंडो-फ्रेंच चैंबर ऑफ कॉमर्स’ के लगभग 150 प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें डसाल्ट सिस्टम्स और एंजी जैसे बड़े औद्योगिक समूहों के अधिकारी भी मौजूद थे। अधिकारियों ने विश्वास जताया कि डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश जल्द ही भारत-फ्रांस औद्योगिक साझेदारी का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

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