गुरेदा में उमड़ा जनसैलाब : ‘सुशासन तिहार’ शिविर में 1210 मामलों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा

बालोद। छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारते हुए बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम गुरेदा में एक विशाल ‘सुशासन तिहार 2026’ शिविर संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुसार आयोजित इस शिविर में न केवल प्रशासन की संवेदनशीलता दिखी, बल्कि ग्रामीणों का सरकार के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ। इस दौरान गुरेदा क्लस्टर से जुड़ी 17 ग्राम पंचायतों के हजारों लोग अपनी समस्याओं और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे। शिविर की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ प्राप्त कुल 1386 आवेदनों में से 1210 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया।
लोक-कल्याणकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित हुए ग्रामीण
प्रशासनिक मुस्तैदी के चलते विभिन्न विभागों ने पात्र नागरिकों को तुरंत राहत पहुंचाई। शिविर की मुख्य उपलब्धियां इस प्रकार रहीं:
डिजिटल और स्वास्थ्य सुरक्षा: योग्य परिवारों को आयुष्मान कार्ड और किसानों को डिजिटल किसान कार्ड सौंपे गए। साथ ही स्वामित्व योजना के तहत जमीनी अधिकारों के अभिलेख बांटे गए।
सशक्तिकरण और सहायता: दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बैटरी चालित ट्राइसाइकिल, वॉकिंग स्टिक और सुनने की मशीनें प्रदान की गईं।
कृषि एवं आवास: किसानों को उन्नत किस्म के बीज दिए गए, जबकि कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मकान पूरा होने के सर्टिफिकेट सौंपे गए।
शिक्षा और आजीविका: मछुआरों को जाल व आइस बॉक्स वितरित किए गए। स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र दिए गए और बोर्ड परीक्षाओं (10वीं-12वीं) में टॉप करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।
जल संरक्षण और सामाजिक कुप्रथाओं के खिलाफ हुंकार
कार्यक्रम में पहुंचे संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर ने जिले में चलाए जा रहे जल संवर्धन के विशेष प्रयास “नीर चेतना अभियान” की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पानी बचाना सिर्फ एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारी भावी पीढ़ी की जिंदगी सुरक्षित करने का एक बड़ा संकल्प है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को जल संरक्षण की शपथ भी दिलाई। इसके अलावा, उन्होंने बाल विवाह को समाज के लिए एक बड़ा कलंक बताते हुए इसे जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
सामाजिक सरोकार और निरीक्षण
समारोह के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने विभागीय स्टॉलों का जायजा लिया और कर्मचारियों को जनता की शिकायतों को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से दूर करने के निर्देश दिए। एक आत्मीय पहल के तहत अतिथियों ने छोटे बच्चों को खीर खिलाकर उनका अन्नप्राशन संस्कार कराया, वहीं गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट देकर उनकी गोदभराई की रस्म पूरी की।
















