डिजिटल शिक्षा की नई मिसाल : मुख्यमंत्री ने ‘कामयाबी वैन’ के जरिए सुदूर गांवों को जोड़ा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ी पहल की है। ‘सुशासन तिहार’ के पावन अवसर पर, कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम कुशहा में आयोजित एक विशेष चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘कामयाबी वैन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नीति आयोग के सहयोग से शुरू किए गए इस ‘मिशन कामयाबी’ का मुख्य उद्देश्य गांवों के बच्चों तक डिजिटल और तकनीकी शिक्षा की पहुंच को आसान बनाना है, जिससे उनके सीखने के तौर-तरीकों में एक क्रांतिकारी बदलाव आ सके।
इस शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता हर उस बच्चे तक बेहतरीन शिक्षा पहुंचाना है जो बुनियादी सुविधाओं से दूर है। आज के इस आधुनिक युग में तकनीक और नवाचार की भूमिका सबसे अहम है। ऐसे में ग्रामीण युवाओं को भी डिजिटल संसाधनों और नए दौर की शिक्षण प्रणालियों का पूरा लाभ मिलना चाहिए ताकि वे आने वाले कल की हर चुनौती का मजबूती से सामना कर सकें।
तकनीक से पढ़ाई होगी और भी आसान
इस विशेष ‘कामयाबी वैन’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके भीतर छात्रों को वर्चुअल रियलिटी (VR) और ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। विज्ञान और गणित जैसे कठिन समझे जाने वाले विषयों को इस वैन के जरिए बेहद रोचक, व्यावहारिक और व्यावहारिक (experimental) तरीकों से समझाया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इस प्रयोग से न सिर्फ विद्यार्थियों की तकनीकी समझ बढ़ेगी, बल्कि बोर्ड परीक्षाओं में भी उनके प्रदर्शन में सुधार देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि यह अनूठी वैन सुदूर वनांचलों के विद्यार्थियों के लिए डिजिटल क्रांति के नए रास्ते खोलेगी और उन्हें विज्ञान व आधुनिक ज्ञान से बेहद सरल तरीके से जोड़ेगी।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक श्री भैया लाल राजवाड़े, विभिन्न जनप्रतिनिधि, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, विशेष सचिव श्री रजत बंसल, कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव, पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुमार कुर्रे समेत भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और छात्र उपस्थित थे।
















