छत्तीसगढ़

प्रशासन आपके द्वार : जीपीएम जिले के नेवसा में जनसमस्या निवारण शिविर संपन्न

20 पंचायतों के ग्रामीणों की शिकायतों पर त्वरित एक्शन; मिले 1,487 आवेदन
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नेवसा में एक वृहद जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। ‘सुशासन तिहार’ के इस विशेष अभियान में शासन-प्रशासन स्वयं चलकर ग्रामीणों के पास पहुँचा, जिससे आम जनता में व्यवस्था के प्रति भरोसा और मज़बूत हुआ है। इस विशाल शिविर में 20 अलग-अलग ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों ने हिस्सा लिया और अपनी माँगें तथा प्रशासनिक शिकायतें सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं।

इस दौरान कुल 1,487 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें दर्ज कर संबंधित विभागों ने प्राथमिकता के आधार पर समय सीमा के भीतर निराकरण की कागजी और जमीनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

क्षेत्र, विवरण

आयोजन स्थल,”ग्राम पंचायत नेवसा, जनपद गौरेला (GPM)”
शामिल पंचायतें,”लालपुर, गिरवर, दौजरा, हर्राटोला, साल्हेघोरी, डाहीबहरा, पंडरीपानी, अंधियारखोह, हर्री, गांगपुर, धनौली, गोरखपुर, झगराखांड, कोरजा, अंजनी, तेंदूमूड़ा, चुकतीपानी, नेवसा, सारबहरा एवं सेमरा।”
कुल प्राप्त आवेदन,”1,487 (समयबद्ध निराकरण जारी)”
सीधे लाभान्वित नागरिक,लगभग 300 हितग्राही

विभिन्न विभागों द्वारा ऑन-स्पॉट सहायता और सामग्री वितरण

शिविर में करीब 300 नागरिकों को शासन की लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिया गया।

  1. राजस्व विभाग की सेवाएँ

66 ग्रामीणों को फौती नामांतरण के दस्तावेज सौंपे गए।

42 किसानों को नई किसान किताब प्रदान की गई।

17 मामलों में बंटवारा (बी-वन खसरा) का निपटारा हुआ।

12 हितग्राहियों को वन अधिकार पत्र के साथ किसान किताब बांटी गई।

  1. अन्य विभागीय लाभ

श्रम, स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और परिवहन सहित अन्य विभागों द्वारा निम्नलिखित सामग्री व सेवाएं प्रदान की गईं:

आयुष्मान कार्ड और दिव्यांगों को सहायक उपकरण।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की चाबियाँ।

मछुआरों को मछली पकड़ने के जाल और कैरेट।

युवाओं को नियुक्ति पत्र और ड्राइविंग लर्निंग लाइसेंस।

किसानों को उन्नत किस्म के बीज और स्कूली बच्चों को पाठ्य पुस्तकें।

सामाजिक सरोकार: बाल विवाह मुक्ति का संकल्प और संस्कृति

प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ यह शिविर सामाजिक चेतना का केंद्र भी बना। महिला एवं बाल विकास विभाग की देखरेख में यहाँ 12 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और 11 शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार पारंपरिक उत्साह के साथ कराया गया।

बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की शपथ:

शिविर में उपस्थित सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से मिटाने का सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने शपथ ली कि वे 18 वर्ष से कम उम्र की बालिकाओं और 21 वर्ष से कम उम्र के युवकों का विवाह न तो करेंगे और न ही समाज में होने देंगे।

इसके अतिरिक्त, ‘महतारी वंदन योजना’ की सफलता और ‘आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों’ के कामकाज पर आधारित एक लघु वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का प्रदर्शन भी किया गया, जिसे ग्रामीणों ने बड़े चाव से देखा।

संवेदनशील मामलों पर कलेक्टर के कड़े निर्देश

शिविर के दौरान विधायक श्री मरपची ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं को पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन शिविरों का उद्देश्य दफ्तरों के चक्कर काटे बिना मौके पर ही जनता की समस्याओं को सुलझाना है।

अतिक्रमण विवाद पर त्वरित संज्ञान:

कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत कोरजा के निवासियों ने एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उनके निर्माणाधीन मकानों को ‘अतिक्रमण’ बताकर तोड़े जाने की बात कही गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त निष्पक्ष जाँच टीम गठित कर दी। कलेक्टर ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वास्तविक तथ्यों की जाँच कर हर हाल में न्यायपूर्ण कार्रवाई की जाएगी।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button