छत्तीसगढ़

जनसमस्याओं के निवारण में धमतरी का बड़ा कदम : 11,621 में से 85% से ज्यादा मामलों का ऑन-स्पॉट निपटारा

धमतरी। छत्तीसगढ़ सरकार के निर्देशानुसार आम नागरिकों की शिकायतों और समस्याओं का पारदर्शी तरीके से हल निकालने के लिए धमतरी जिला प्रशासन का ‘सुशासन तिहार 2026’ अभियान बेहद असरदार साबित हो रहा है। जिलाधिकारी की देखरेख में जिले के तमाम सरकारी महकमे, नगर निकाय, जनपद पंचायतें और तहसील दफ्तर पूरी मुस्तैदी से काम कर रहे हैं। इस मुहिम के तहत अब तक आए कुल 11,621 आवेदनों में से 8,500 से अधिक मामलों का रिकॉर्ड समय में समाधान किया जा चुका है, जबकि बचे हुए आवेदनों पर भी तेजी से कार्रवाई की जा रही है।

क्लस्टर नीति से राह हुई आसान

ग्रामीणों को अपने काम के लिए जिला मुख्यालय या ब्लॉक दफ्तरों की दौड़ न लगानी पड़े, इसके लिए प्रशासन ने ‘क्लस्टर मॉडल’ अपनाया है। जिले की 24 ग्राम पंचायतों को केंद्र बनाकर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहाँ एक ही जगह पर 15 से 20 गाँवों के लोगों की समस्याओं को सुना जा रहा है।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का प्रगति चार्ट

क्षेत्र,शिविरों की स्थिति (20 मई तक)

ग्रामीण क्षेत्र,अब तक 8 बड़े शिविर पूरे हो चुके हैं। इसी सिलसिले में कुरूद के चोरभट्टी (9वां) और धमतरी ब्लॉक के पिपरछेड़ी (10वां) में विशेष शिविर लगाकर लोगों की शिकायतें सुनी गईं।
शहरी क्षेत्र,धमतरी नगर निगम समेत कुल 7 नगर पंचायतों में अब तक 13 शिविरों का सफल संचालन किया जा चुका है।

मौके पर ही मिल रही हैं बुनियादी सेवाएँ

इस अभियान के जरिए जनता की रोजमर्रा की जरूरतों और बुनियादी दिक्कतों का संवेदनशीलता से समाधान किया जा रहा है। शिविरों में मुख्य रूप से इन मामलों का निपटारा हो रहा है:

राजस्व और प्रमाण पत्र: जमीन-जायदाद के मामले और जाति, निवास, आय जैसे जरूरी सर्टिफिकेट।

बुनियादी सुविधाएं: बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य-शिक्षा से जुड़ी मांगें।

सरकारी योजनाएं: राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और महिला एवं बाल विकास की योजनाएं।

धमतरी, मगरलोड, नगरी और कुरूद के आला अधिकारियों सहित पीएचई (PHE) और खाद्य विभाग के अफसर खुद मौके पर रहकर आवेदकों को वस्तुस्थिति की जानकारी दे रहे हैं।

पिपरछेड़ी शिविर: खेती और किसानों को मिला संबल

यह मुहिम सिर्फ प्रशासनिक कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को तकनीकी रूप से मजबूत भी कर रही है। पिपरछेड़ी में आयोजित शिविर में कृषि विभाग ने किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी (Nano DAP) के वैज्ञानिक इस्तेमाल के तरीके सिखाए। इसके अलावा, ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ (PM-Kisan) से जुड़ी दिक्कतों को मौके पर ही ठीक कर अन्नदाताओं को बड़ी राहत दी गई।

प्रशासन का संकल्प:

“इस अभियान का मकसद सिर्फ कागजात जमा करना या रिकॉर्ड बनाना नहीं है, बल्कि कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ समय सीमा के भीतर पहुंचाना है। अधिकारियों को सख्त निर्देश हैं कि वे गुणवत्ता के साथ हर जायज शिकायत का निपटारा करें।”

प्रशासन पर बढ़ा जनता का भरोसा

अपने बीच जिले के बड़े अधिकारियों को देखकर और अपनी समस्याओं का तुरंत समाधान पाकर स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह है। ‘सुशासन तिहार 2026’ के माध्यम से धमतरी जिला प्रशासन ने राज्य में संवेदनशील और जवाबदेह गवर्नेंस का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है।

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