अस्थमा के लक्षणों से राहत दिलाएगा दूध और सूखे मेवों का यह देसी नुस्खा

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं में अस्थमा या दमा एक गंभीर स्थिति है। इस बीमारी में श्वास नलियों में सूजन आने के कारण हवा का प्रवाह बाधित होता है, जिससे मरीज को सांस लेने में काफी कठिनाई होती है। इसके आम लक्षणों में लगातार खांसी, सीने में जकड़न, घबराहट और सांस का फूलना शामिल है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अस्थमा को समय पर नियंत्रित करना बेहद जरूरी है, क्योंकि लंबे समय तक लापरवाही बरतने से यह फेफड़ों और हृदय के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है।
आमतौर पर डॉक्टर अस्थमा रोगियों को हमेशा अपनी दवाएं या इनहेलर साथ रखने की सलाह देते हैं। लेकिन मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ-साथ कुछ पारंपरिक और घरेलू नुस्खे भी इस समस्या को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं।
घरेलू पाउडर बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस आयुर्वेदिक मिश्रण को तैयार करने के लिए आपको केवल तीन चीजों की आवश्यकता होगी:
बादाम: 100 ग्राम
काली मिर्च: 20 ग्राम
मिश्री या शक्कर: 50 ग्राम
इस्तेमाल करने का सही तरीका
सबसे पहले बादाम, काली मिर्च और शक्कर को एक साथ मिलाकर मिक्सी में अच्छी तरह पीस लें और एक महीन पाउडर तैयार कर लें।
इस तैयार पाउडर को रोज-रोज बनाने के झंझट से बचने के लिए आप इसे किसी एयर-टाइट डिब्बे में सुरक्षित रख सकते हैं।
अस्थमा के मरीज रोज रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने दूध में इस पाउडर का एक चम्मच मिलाकर नियमित रूप से सेवन करें। इससे श्वसन मार्ग को आराम मिलता है और लक्षणों में सुधार देखा जा सकता है।
महत्वपूर्ण सूचना: यह लेख सामान्य घरेलू और आयुर्वेदिक मान्यताओं पर आधारित है। इसे किसी योग्य डॉक्टर या चिकित्सा विशेषज्ञ की सलाह के विकल्प के रूप में न देखें। किसी भी नुस्खे को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
















