छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर बढ़ी रार : दीपक बैज और टीएस सिंहदेव के बीच जुबानी जंग तेज

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। इस बार विवाद की वजह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बीच हुई बयानबाजी है। दरअसल, टीएस सिंहदेव ने हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालने की इच्छा जताई थी, जिस पर पलटवार करते हुए दीपक बैज ने उन्हें दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होने की सलाह दे डाली। बैज के इस बयान के बाद राज्य के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

युवाओं को मिले मौका, सिंहदेव संभालें दिल्ली का मोर्चा: दीपक बैज

प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने टीएस सिंहदेव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सिंहदेव पार्टी के एक बेहद कद्दावर और अनुभवी नेता हैं। बैज ने उनके पिछले सांगठनिक अनुभवों का हवाला देते हुए कहा:

“सिंहदेव जी केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य रहे हैं और उन्होंने तमिलनाडु व पुडुचेरी जैसे राज्यों में प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। ऐसे में उनके विशाल अनुभव का लाभ राष्ट्रीय स्तर पर लिया जाना चाहिए। राज्य में अब युवाओं को नेतृत्व करने का अवसर मिलना चाहिए।”

बैज ने यह भी साफ किया कि वर्तमान में प्रदेश संगठन सभी नेताओं को एकजुट करके आगे बढ़ रहा है।

“मैं अभी थका नहीं हूँ”, सिंहदेव का करारा जवाब

दीपक बैज की इस ‘सलाह’ पर टीएस सिंहदेव ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बैज के बयान पर अचरज जताते हुए कहा कि वे यह नहीं समझ पा रहे हैं कि बैज ने किस मंशा से ऐसी बात कही। सिंहदेव ने कहा:

पूरी ऊर्जा के साथ सक्रिय: वे आज भी खुद को पूरी तरह ऊर्जावान और सक्रिय मानते हैं।

छत्तीसगढ़ ही कर्मभूमि: वे राज्य से बाहर जाने के बजाय छत्तीसगढ़ की जनता और कार्यकर्ताओं के बीच रहकर ही काम करना चाहते हैं।

हाईकमान का फैसला सर्वोपरि: पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, वे उसे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।

हार के बहाने बैज पर साधा निशाना

बातचीत के दौरान सिंहदेव ने राज्य में कांग्रेस की चुनावी शिकस्त का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दीपक बैज को आड़े हाथों लेते हुए याद दिलाया कि चुनाव में हार का सामना सिर्फ उन्होंने ही नहीं, बल्कि खुद बैज ने भी किया है। सिंहदेव ने कहा कि पार्टी राज्य में दोबारा सरकार बनाने में नाकाम रही और कई मजबूत सीटें भी हाथ से निकल गईं। ऐसे समय में सभी नेताओं की प्राथमिकता आपसी बयानबाजी के बजाय संगठन और कार्यकर्ताओं को मजबूत करने की होनी चाहिए।

‘अपनों से सावधान रहें सिंहदेव’ – भाजपा ने ली चुटकी

कांग्रेस के इस अंतर्कलह पर तंज कसने में सत्ताधारी दल भाजपा ने भी देर नहीं की। राज्य के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने इस विवाद पर चुटकी लेते हुए कहा कि कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी अब जगजाहिर हो चुकी है। नेताम ने दावा किया कि कांग्रेस के ही कुछ बड़े नेता सिंहदेव के बढ़ते कद से असुरक्षित महसूस करते हैं और उन्हें हाशिए पर धकेलना चाहते हैं। उन्होंने सिंहदेव को हमदर्दी भरा मशविरा देते हुए कहा कि उन्हें अपनी ही पार्टी के भीतर छिपे विरोधियों से सतर्क रहने की जरूरत है।

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