अध्यात्म ही जीवन जीने की कला : बेंगलुरु में श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक अध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी के 70वें जन्मोत्सव और इस संस्था के 45वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित वैश्विक सम्मेलन में सम्मिलित हुए। कर्नाटक के उदयपुरा (बेंगलुरु) स्थित इंटरनेशनल सेंटर पहुंचे मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से गुरुदेव को दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामनाएं भेंट कीं।
मुख्य बिंदु: डॉ. मोहन यादव के संबोधन के प्रमुख अंश
हथियारों से नहीं, अध्यात्म से विजय: मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने कभी भी शक्ति या हथियारों के बल पर दुनिया को जीतने का प्रयास नहीं किया। हमारा लक्ष्य ‘विश्वशक्ति’ बनना नहीं, बल्कि ज्ञान और अध्यात्म के माध्यम से ‘विश्वगुरु’ का पद प्राप्त करना रहा है। हमने सदैव वैश्विक कल्याण और ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ (सकल विश्व ही हमारा परिवार है) के दर्शन को जिया है।
मानसिक शांति और शारीरिक स्वास्थ्य का अंतर्संबंध: डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि मन की शांति ही वास्तव में शरीर के योग का आधार है। एक शांत मन ही शरीर में उचित संतुलन, सामंजस्य और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करता है। यही ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ (जीने की कला) का वास्तविक सार है, जिसे श्री श्री रविशंकर जी पूरे विश्व में फैला रहे हैं।
निष्काम कर्मयोग का आधुनिक स्वरूप: मुख्यमंत्री ने संस्था की सराहना करते हुए कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग श्रीमद्भगवद्गीता के निष्काम कर्मयोग का एक आधुनिक वैश्विक रूप है। यह केवल जीवन जीने की कला नहीं, बल्कि जीवन को उद्देश्यपूर्ण और आनंदमयी उत्सव बनाने का मार्ग है। ध्यान, प्राणायाम और सुदर्शन क्रिया जैसी प्राचीन भारतीय पद्धतियों को पुनर्जीवित कर इस संगठन ने मानवता की बड़ी सेवा की है।
सांस्कृतिक चेतना का केंद्र: बेंगलुरु के इस अंतरराष्ट्रीय केंद्र की ऊर्जा की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ आकर देवलोक जैसी शांति की अनुभूति होती है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को रेखांकित करते हुए कहा कि गुरु ही हमें अज्ञान के अंधकार से ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं।
समारोह की अन्य झलकियाँ और गणमान्य अतिथि
इस अवसर पर अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। ‘न्यूज फर्स्ट मीडिया हाउस’ के सीईओ एस. रवि कुमार और ‘टीवी 9’ के वरिष्ठ एंकर रंगनाथ भारद्वाज ने कन्नड़ भाषा में संबोधित करते हुए श्री श्री रविशंकर को वैश्विक शांति का दूत बताया। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने संसार को न केवल जीने की कला (आर्ट ऑफ लिविंग) बल्कि प्रेम करने की कला (आर्ट ऑफ लविंग) भी सिखाई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंत में बाबा महाकाल के जयघोष के साथ गुरुदेव के ‘सहस्त्रायु’ (लंबी आयु) होने की प्रार्थना की।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति:
इस भव्य वैश्विक समागम में देश-विदेश के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
शिव प्रताप शुक्ला (राज्यपाल, तेलंगाना) एवं श्रीमती जानकी शुक्ला
भूपेन्द्र यादव (केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री)
जी. किशन रेड्डी (केंद्रीय कोयला मंत्री)
दिनेश प्रताप सिंह (राज्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
जैकी श्रॉफ (प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता)
श्री जलस दानी (व्यवसायी, एशियन पेंट्स)
















