गढ़चिरौली में बड़ा एक्शन : माओवादियों का हिडन डंप बरामद, भारी मात्रा में तकनीकी उपकरण नष्ट

रायपुर। सुरक्षाबलों को निशाना बनाने और आगामी चुनावों या नक्सली स्थापना सप्ताह के दौरान बड़ी वारदातों को अंजाम देने के मकसद से माओवादियों ने जंगलों में भारी मात्रा में घातक सामग्री और हथियार छिपा रखे थे। गढ़चिरौली पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए नक्सलियों की इस साजिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया है।
सरेंडर कर चुके नक्सलियों की निशानदेही पर छापेमारी
पुलिस की इस बड़ी सफलता के पीछे हाल ही में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी है। ‘ऑपरेशन फाइनल स्ट्राइक’ के दौरान सरेंडर कर चुके नक्सलियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि पोमकेन के बिनगुंडा वन क्षेत्र में हथियारों और तकनीकी उपकरणों का एक बड़ा जखीरा जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया है।
इस सूचना के आधार पर गढ़चिरौली स्पेशल ऑपरेशन टीम और प्राणहिता की 6 संयुक्त टीमों के साथ बम निरोधक दस्ते (BDDS) की 2 टीमों को तुरंत रवाना किया गया।
जंगल घेरकर बरामद किया गया सामान
22 मई 2026 को सुरक्षाबलों ने पोमकेन बिनगुंडा के उत्तरी जंगलों की सघन घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस तलाशी अभियान के दौरान जमीन खोदकर माओवादियों की हथियार बनाने वाली सामग्री जब्त की गई, जिसमें निम्नलिखित सामान शामिल थे:
हथियार निर्माण उपकरण: लेथ मशीन (खराब मशीन), ग्राइंडिंग और ड्रिलिंग मशीन, जिगसॉ मशीन और प्रेशर पंप।
लड़ाकू और विस्फोटक सामग्री: बीजीएल (बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) पाइप और 12 बोर के पाइप।
पावर सप्लाई बैकअप: जनरेटर, इन्वर्टर, बैटरियां और सोलर पैनल।
अन्य सामग्री: 20 फीट लंबा फुटबॉल पाइप।
जंगल के भीतर ही इस पूरी फैक्ट्री को संचालित किया जा रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षाबलों ने परिस्थितियों को देखते हुए बरामद की गई सभी संवेदनशील माओवादी सामग्रियों को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया। इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय माओवादी संगठनों की कमर टूट गई है।
















