इंदौर जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा : मुख्यमंत्री ने दिए अवैध मोटर संचालकों पर सख्त कार्रवाई और संतुलित वितरण के निर्देश

भोपाल (एजेंसी)। इंदौर शहर में गहराते जल संकट को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संभागायुक्त कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अमले को आम जनता को तुरंत राहत पहुंचाने और पानी की किल्लत को दूर करने के लिए युद्धस्तर पर काम करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए मुख्य दिशा-निर्देश इस प्रकार हैं:
24 घंटे निगरानी और विशेष योजना: शहर के सबसे ज्यादा प्रभावित और संकटग्रस्त वार्डों के लिए एक विशेष जलापूर्ति योजना तैयार की जाएगी। पानी के वितरण पर नजर रखने के लिए एक ‘जल नियंत्रण कक्ष’ स्थापित किया जाएगा, जो 24 घंटे काम करेगा और सुबह-शाम आपूर्ति की रिपोर्ट लेगा।
अवैध रूप से पानी खींचने वालों पर शिकंजा: पानी की चोरी और मोटरों के जरिए अवैध रूप से पानी खींचने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन एक विशेष अभियान चलाएगा। ऐसे मामलों में शामिल लोगों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
समान और संतुलित वितरण: मुख्यमंत्री ने नलों के जरिए होने वाली पानी की सप्लाई के समय में आ रही विसंगतियों को तुरंत सुधारने को कहा है, ताकि सभी इलाकों में बराबर पानी पहुंच सके। इसके अलावा सरकारी कॉलेजों, छात्रावासों और आवासीय परिसरों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
लॉपहोल्स और लीकेज पर रोक: पाइपलाइनों में होने वाले लीकेज और वितरण के दौरान होने वाले पानी के नुकसान को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शहर की बड़ी पानी की टंकियों को उनकी पूरी क्षमता के साथ इस्तेमाल किया जाएगा।
टैंकरों की मिनट-टू-मिनट ट्रैकिंग: नगर निगम और निजी टैंकरों के माध्यम से की जा रही सप्लाई की सख्त मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि पानी सही जगह पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि स्थिति पर नजर रखने के लिए जरूरत पड़ने पर भोपाल से वरिष्ठ अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों को दोबारा इंदौर भेजा जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिक समितियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने तथा अपनी दैनिक रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) भेजने के निर्देश दिए हैं।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित क्षेत्र के विभिन्न विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
















