मध्यप्रदेश

लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर : सुशासन, संस्कृति और महिला सशक्तिकरण की शाश्वत प्रेरणा

इंदौर (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर के ऐतिहासिक गांधी हॉल में आयोजित एक भव्य समारोह में लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने देवी अहिल्याबाई के जीवन को सुशासन और जनसेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि आज देश में जो सांस्कृतिक पुनरुत्थान दिख रहा है, उसकी आधारशिला उन्होंने सदियों पहले ही रख दी थी।

सांस्कृतिक संरक्षण और नागरिक सम्मान

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने न केवल एक कुशल प्रशासक के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी, बल्कि सनातन संस्कृति और धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार में भी अभूतपूर्व योगदान दिया। उन्होंने देशवासियों में आत्मसम्मान की भावना जगाई।

इस गरिमामयी अवसर पर न्याय व्यवस्था और समाज में उत्कृष्ट योगदान के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों—न्यायमूर्ति श्री आनंद सिंह बहरावत और न्यायमूर्ति श्री हिमांशु जोशी को प्रतिष्ठित ‘अहिल्या गौरव सम्मान’ से विभूषित किया गया। इसके साथ ही, कार्यक्रम में आयोजित फोटो प्रतियोगिता के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।

आर्थिक दूरदर्शिता और महिला आत्मनिर्भरता

मुख्यमंत्री ने देवी अहिल्याबाई की आर्थिक समझ और कूटनीति की सराहना करते हुए कहा कि उनके संरक्षण में फली-फूली ‘महेश्वरी साड़ी’ आज वैश्विक पटल पर भारतीय शिल्प और महिला उद्यमिता का प्रतीक बन चुकी है।

राज्य सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए डॉ. यादव ने बताया कि उनके आदर्शों पर चलते हुए मध्य प्रदेश में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए ‘देवी अहिल्या नारी सशक्तिकरण मिशन’ चलाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, इंदौर की पुलिस बटालियन नंबर-1 का नाम बदलकर ‘अहिल्याबाई बटालियन’ किया गया है।

इंदौर का विकास और भविष्य का रोडमैप

इंदौर के महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने इस अवसर पर कहा कि इंदौर देवी अहिल्याबाई की कर्मभूमि रहा है, और उन्हीं के आशीर्वाद से शहर आज स्वच्छता, स्वच्छ वायु और डिजिटल गवर्नेंस में देश का नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने साझा किया कि साल 2029 तक इंदौर की जल आपूर्ति क्षमता को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और गणमान्य उपस्थिति

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ की एक भव्य संगीतमय प्रस्तुति के साथ हुई, जिसे 150 सदस्यों के एक वाद्य-वृंद (आर्केस्ट्रा) ने बांसुरी और अन्य वाद्य यंत्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इसके पश्चात श्री ब्रजेश ब्रज और उनके दल ने गणेश वंदना की मनमोहक प्रस्तुति दी।

इस ऐतिहासिक महोत्सव में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर के सांसद श्री शंकर लालवानी सहित कई विधायक, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए इंदौर नगर निगम और सहयोगी संस्था ‘अवोम भारत’ की सराहना की।

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