छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री साय ने जांजगीर-चांपा में भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम का किया दौरा

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपने जांजगीर-चांपा प्रवास के दौरान सोठी (कात्रेनगर) स्थित ‘भारतीय कुष्ठ निवारक संघ आश्रम’ पहुँचे। वहाँ संस्थान के पदाधिकारियों और निवासियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने आश्रम के प्रमुख श्री सुधीर देव से मुलाकात कर संस्थान द्वारा दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं, सामाजिक पुनर्वास और सेवा कार्यों का जायजा लिया और पिछले 60 से अधिक वर्षों से चल रही इन गतिविधियों की सराहना की।
मुख्य कार्यक्रम और गतिविधियाँ
धार्मिक एवं श्रद्धा सुमन: मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थित सिद्धि विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य की खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने संस्था के संस्थापक स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
एम्बुलेंस व गौ-सेवा: इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आश्रम के लिए एक नई एम्बुलेंस सेवा को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने परिसर की गौशाला में जाकर गौ-पूजन किया, गायों को हरा चारा खिलाया और आश्रमवासियों को उपहार बांटे।
संत गुरु घासीदास चिकित्सालय का निरीक्षण: श्री साय ने आश्रम के भीतर संचालित अस्पताल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने ओपीडी, पैथोलॉजी लैब, एक्स-रे, आईसीयू और ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्थाएं देखीं। साथ ही, उन्होंने रायपुर की धनवंतरी जनकल्याण समिति द्वारा चलाई जा रही ‘कैंसर स्क्रीनिंग इनिशिएटिव’ वैन का भी अवलोकन किया।
“नर सेवा ही नारायण सेवा” का जीवंत उदाहरण: मुख्यमंत्री
आश्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह संस्थान केवल एक सेवा केंद्र नहीं, बल्कि करुणा और समर्पण का साक्षात तीर्थ है। उन्होंने कहा:
“कुष्ठ रोग केवल एक शारीरिक बीमारी नहीं है, बल्कि यह सामाजिक उपेक्षा और भेदभाव का भी कारण रहा है। इस संस्थान ने पीड़ितों को परिवार के सदस्य की तरह अपनाकर समाज में सिर उठाकर जीने का आत्मविश्वास दिया है।”
उन्होंने संस्थान द्वारा की जा रही जैविक खेती, स्वरोजगार प्रशिक्षण, पर्यावरण संरक्षण और मुफ्त स्वास्थ्य शिविरों के मॉडल को पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2025 में संस्थान को मिला राज्य स्तरीय ‘यति यतनलाल सम्मान’ इसकी छह दशकों की निष्काम सेवा का उचित सम्मान है।
भारतीय कुष्ठ निवारक संघ: 6 दशकों का गौरवशाली इतिहास
स्थापना: इस अनूठे संस्थान की नींव 5 अप्रैल 1962 को स्वयं कुष्ठ रोग से प्रभावित और प्रख्यात समाजसेवी स्वर्गीय सदाशिव गोविंद कात्रे द्वारा रखी गई थी।
चिकित्सा सुविधाएं: वर्तमान में यहाँ 20 बिस्तरों का एक अस्पताल संचालित है, जहाँ मरीजों को मुफ्त दवाइयाँ, आवास, भोजन और वस्त्र उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्तमान में यहाँ 75 मरीज रह रहे हैं और 120 सेवादार कार्यरत हैं।
आत्मनिर्भरता और कौशल विकास: आश्रम की 60 एकड़ कृषि भूमि पर जैविक खेती की जाती है। इसके अलावा मरीजों और स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कम्प्यूटर, सिलाई, चॉक निर्माण, कालीन और रस्सी बनाने तथा वेल्डिंग जैसे स्वरोजगार के प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
स्वास्थ्य शिविर: संस्थान अब तक प्रशासन के सहयोग से 10 हजार से अधिक सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन करा चुका है। दौरे के दिन आयोजित शिविर में भी 300 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच और कैंसर स्क्रीनिंग की गई।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री किरण सिंह देव, सांसद श्रीमती कमलेश देवी जांगड़े, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह, कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
















