पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई को बड़ी श्रद्धांजलि, गनियारी का सरकारी स्कूल अब कहलाएगा उनके नाम पर, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने की घोषणा

रायपुर। छत्तीसगढ़ की माटी की अनमोल धरोहर और विश्व प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई के निधन पर पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने आज उनके गृहग्राम गनियारी पहुंचकर दिवंगत कला साधिका को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। वे डॉ. तीजन बाई के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए। इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से एक बड़ा फैसला लेते हुए शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि गनियारी के शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल का नाम अब “डॉ. तीजन बाई शासकीय हाई-हायर सेकेंडरी विद्यालय, गनियारी” किया जाएगा।
कला जगत के एक स्वर्णिम युग का अंत
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने डॉ. तीजन बाई के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी दमदार आवाज, अनूठी शैली और बेजोड़ कला साधना के दम पर छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को वैश्विक पटल पर एक नई और गौरवमयी पहचान दिलाई थी। उनका जाना छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक इतिहास के एक सुनहरे अध्याय का समाप्त होना है। मंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और उनके लाखों प्रशंसकों व शोकाकुल परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति दें।
आने वाली पीढ़ियों के लिए रहेंगी प्रेरणा
श्रद्धांजलि सभा के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि तीजन बाई का पूरा जीवन लोक कला और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने व उन्हें आगे बढ़ाने में बीता। उनका संघर्ष, उनकी कला यात्रा और उनकी असाधारण सफलताएं आने वाली नस्लों का मार्गदर्शन करती रहेंगी।
“स्कूल का नामकरण डॉ. तीजन बाई के नाम पर करना इस महान कलाकार के प्रति राज्य सरकार की ओर से एक सच्ची श्रद्धांजलि है। इससे स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे और आने वाली पीढ़ियां उनके गौरवशाली व्यक्तित्व तथा सांस्कृतिक योगदान से हमेशा प्रेरित होती रहेंगी।”
— गजेन्द्र यादव, स्कूल शिक्षा मंत्री
















