सोलर पैनल लगाकर आत्मनिर्भर बनीं अनीता चौधरी, बिजली बिल हुआ पूरी तरह ‘जीरो’

रायपुर। ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ देश में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के साथ-साथ आम परिवारों को बिजली के खर्चों से भी बड़ी राहत दे रही है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में देखने को मिला है, जहाँ ग्राम पंचायत कंठी की रहने वाली श्रीमती अनीता चौधरी अब महज एक साधारण बिजली उपभोक्ता नहीं रहीं, बल्कि सौर ऊर्जा का उत्पादन करके एक ‘ऊर्जादाता’ बन चुकी हैं।
डबल सब्सिडी ने आसान की राह
अनीता चौधरी ने बताया कि पहले हर महीने आने वाला भारी-भरकम बिजली बिल उनके परिवार के बजट को बिगाड़ देता था। इस समस्या से निजात पाने के लिए उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की इस साझा योजना के तहत अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट लगवाया।
इस प्लांट को लगवाने में उन्हें केंद्र और राज्य सरकार, दोनों की तरफ से मिलाकर करीब 1.08 लाख रुपये की ‘डबल सब्सिडी’ का फायदा मिला। इतनी बड़ी आर्थिक मदद की वजह से एक मध्यमवर्गीय परिवार के लिए सोलर सिस्टम लगवाना बेहद किफायती और आसान हो गया।
बिल हुआ शून्य, बची बिजली से होगी कमाई
सोलर प्लांट शुरू होने के बाद से अनीता चौधरी के घर का बिजली बिल पूरी तरह शून्य (Zero) हो चुका है। घर की जरूरतें पूरी होने के बाद जो अतिरिक्त बिजली बनती है, उसे ग्रिड को वापस भेज दिया जाता है, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ भी होगा।
“इस योजना ने हमारे परिवार को बिजली बिल की परेशानी से हमेशा के लिए मुक्त कर दिया है। अब हमारे मासिक खर्चों में बड़ी कटौती हुई है।”
— अनीता चौधरी, लाभार्थी
पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता का संदेश
अनीता चौधरी ने इस बेहतरीन और जनहितैषी योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद किया है। साथ ही, उन्होंने सरगुजा जिले के दूसरे नागरिकों से भी अपील की है कि वे आगे आएं और अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाएं। इससे न सिर्फ पैसों की स्थाई बचत होगी, बल्कि प्रदूषण मुक्त ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देकर पर्यावरण को बचाने में भी मदद मिलेगी।
















