NATO समिट में गरजे डोनाल्ड ट्रंप : ‘ईरान का नंबर वन टारगेट हूँ, मेरी हत्या की रची जा रही है साजिश’

अंकारा (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। तुर्की की राजधानी अंकारा में आयोजित नाटो (NATO) शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे इस समय ईरान के सबसे बड़े निशाने पर हैं और तेहरान प्रशासन उनकी जान लेने की फिराक में है। ट्रंप ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अब ईरान के साथ किसी भी तरह के समझौते या बातचीत की गुंजाइश पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
‘मैं हूँ उनका मुख्य निशाना’ – ट्रंप का सनसनीखेज आरोप
नाटो सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:
“ईरान की लीडरशिप मुझसे बदला लेने के लिए छटपटा रही है। उनके कई पुराने नेता अब इस दुनिया में नहीं हैं। शायद मेरी जान को भी खतरा हो सकता है, क्योंकि मैं उनकी हिट-लिस्ट में पहले पायदान पर हूँ। वे बेहद खतरनाक लोग हैं और पिछले 47 वर्षों से उनका यही ढर्रा रहा है।”
हालांकि, ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि ईरान का पिछला नेतृत्व पूरी तरह दुश्मन जैसा व्यवहार करता था, जबकि वर्तमान लीडरशिप थोड़ी अधिक सूझबूझ दिखा रही है। उन्होंने साफ किया कि वे तनाव को खींचने के बजाय इस विवाद का हमेशा के लिए अंत करना चाहते हैं।
वार्ता के प्रयास पूरी तरह ठप
ट्रंप ने नाटो बैठक से कुछ ही समय पहले यह साफ कर दिया था कि ईरान के साथ पर्दे के पीछे चल रही हर तरह की बातचीत और डील की कोशिशों पर अब पूर्ण विराम लग चुका है। उन्होंने इसे ‘समय की बर्बादी’ करार देते हुए कहा कि ईरान लगातार समझौतों का उल्लंघन कर रहा है, इसलिए अब सीजफायर या किसी अन्य संधि का कोई मतलब नहीं रह गया है।
खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव: ईरान का मिसाइल और ड्रोन अटैक
दूसरी ओर, अमेरिकी हमलों का जवाब देते हुए ईरान ने फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में भारी सैन्य कार्रवाई की है। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उन्होंने बहरीन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन से निशाना बनाया। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और दोनों देशों में हवाई हमले के सायरन गूंज उठे हैं। इस जवाबी कार्रवाई पर फिलहाल अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
कतर के जहाज पर हमला, मध्यस्थता पर संकट
इस सैन्य टकराव का असर अब व्यापारिक मार्गों पर भी दिखने लगा है। ओमान के तट के पास कतर के एक लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) ले जाने वाले जहाज पर हमला हुआ है। इसके बाद, अब तक अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहे कतर ने सख्त रुख अपनाते हुए ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अपनी हिंसक गतिविधियां तुरंत रोकने को कहा है।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के महासचिव आर्सेनियो डोमिंगुएज ने भी सभी शिपिंग कंपनियों से अपील की है कि वे फिलहाल होर्मुज के रास्ते अपने जहाजों को न भेजें, क्योंकि इससे क्षेत्र में मौजूद लगभग 6,000 नाविकों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
















