अमेरिकी एयरस्ट्राइक से कांपा ईरान : चाबहार में ब्लैकआउट, रेलवे ब्रिज तबाह, ट्रंप बोले– ‘यह सिर्फ शुरुआत है’

वॉशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी वायुसेना ने ईरान पर अब तक का सबसे भीषण हमला बोल दिया है। इस विध्वंसक सैन्य कार्रवाई से ईरान के कई तटीय और रणनीतिक इलाके दहल उठे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप के सीधे आदेश पर की गई है, जिसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ईरान के प्रमुख बंदरगाह और शहर निशाने पर
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स (मिजान और मेहर न्यूज एजेंसी) के मुताबिक, अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों ने ईरान के बंदर अब्बास, सीरिक, चाबहार और कोनारक जैसे इलाकों को निशाना बनाया है। ताजा जानकारी के अनुसार:
चाबहार में ब्लैकआउट: भीषण बमबारी के कारण चाबहार शहर के एक बड़े हिस्से में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। यहाँ के शहीद बेहेश्ती पोर्ट, कलंतरी पोर्ट और समुद्री यातायात नियंत्रण टावर को भारी नुकसान पहुंचा है।
अस्पताल पर गिरा मलबा: चाबहार के एक स्थानीय अस्पताल पर दागे गए अमेरिकी हथियार का मलबा गिरने की भी खबर है।
रेलवे ब्रिज उड़ाया: ईरान के अक्काला क्षेत्र में अमेरिकी हमले में एक रणनीतिक रेलवे पुल को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है।
मछुआरों की मौत: बंदर अब्बास में हुए धमाकों में दो स्थानीय मछुआरों की मौत होने की पुष्टि ईरानी मीडिया ने की है।
द्वीपों पर चौतरफा बमबारी, ट्रंप ने जारी की तस्वीरें
ईरान के सरकारी चैनल ‘प्रेस टीवी’ के अनुसार, अबू मूसा द्वीप पर सिलसिलेवार 10 बड़े धमाके सुने गए। इसके अलावा बुशेहर में दो प्रोजेक्टाइल गिरे और जास्क शहर भी धमाकों से गूंज उठा।
इस सैन्य कार्रवाई के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ (Truth Social) पर चाबहार में लगी आग और उठते धुएं की एक तस्वीर साझा की। ट्रंप ने लिखा:
“यह कल ईरान द्वारा हमारे जहाजों पर किए गए हमलों का करारा जवाब है। अगर ईरान ने दोबारा ऐसी हिमाकत की, तो अंजाम इससे भी कई गुना ज्यादा भयानक होगा।”
नाटो (NATO) का मिला साथ, बातचीत के रास्ते बंद
तुर्की में चल रहे नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान ही ट्रंप ने इस बात के साफ संकेत दे दिए थे कि वे ईरान को बख्शने के मूड में नहीं हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात से ठीक पहले ट्रंप ने मीडिया से कहा था कि अब ईरान के साथ कोई डील संभव नहीं है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि नाटो (NATO) के सदस्य देशों ने भी ईरान के खिलाफ अमेरिका के इस कड़े सैन्य कदम का खुलकर समर्थन किया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा और गहरा गया है।
















