छत्तीसगढ़

मानसून सत्र के दूसरे दिन अविश्वास प्रस्ताव और नक्सलवाद पर छिड़ेगी रार, घिर सकती है सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसूनी सत्र का दूसरा दिन काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं। आज सदन की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्नकाल से होगी, जिसमें विपक्ष अलग-अलग विभागों के कामकाज को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। सदस्यों के तीखे सवालों का मोर्चा संभालने के लिए उपमुख्यमंत्री अरुण साव के साथ कैबिनेट मंत्री लखन देवांगन और गजेंद्र यादव सदन में मुस्तैद रहेंगे।

नक्सल मोर्चे पर केंद्र का आभार जताएंगे मुख्यमंत्री

सत्र के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर और अन्य इलाकों में नक्सलवाद के खिलाफ केंद्रीय सुरक्षा बलों व सरकार की बड़ी सफलताओं पर एक धन्यवाद प्रस्ताव लाएंगे। इसके जरिए वे केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट करेंगे। दूसरी तरफ, मुख्य विपक्षी दल सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से अनुमति मांग सकता है, जिससे सदन की तपिश बढ़ना तय है। इसके अलावा वित्त मंत्री ओपी चौधरी कई महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे।

इन ध्यानाकर्षण प्रस्तावों से बढ़ेगी सदन की गर्मी

आज ध्यानाकर्षण के जरिए राज्य की ऐतिहासिक व पुरातात्विक धरोहरों की अनदेखी और उनके संरक्षण का बड़ा मुद्दा उठेगा। साथ ही जांजगीर-चांपा में परिवार नियोजन के तहत दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की बंदरबांट और गड़बड़ियों का मामला भी गूंजेगा। विधायक भावना बोहरा, सुशांत शुक्ला और रोहित साहू अपनी याचिकाएं पेश करेंगे।

इसके साथ ही मंत्री टंक राम वर्मा और ओपी चौधरी कुछ जरूरी विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएंगे, जिसमें पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ा एक शासकीय संकल्प भी शामिल है।

पहले दिन राम मंदिर चंदे को लेकर हुआ था बवाल

गौरतलब है कि मानसून सत्र के पहले दिन प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्मविभूषण डॉ. तीजनबाई को याद कर श्रद्धांजलि दी गई। इसके ठीक बाद राम मंदिर के चंदे में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी और बहस हुई। भारी हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी थी।

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