छत्तीसगढ़

बस्तर में शांति और न्याय की नई पहल : उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दी नक्सल मामलों के तेजी से निपटारे की गारंटी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार बस्तर संभाग में शांति बहाली और स्थानीय लोगों को न्याय दिलाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। विधानसभा में बस्तर से आए जनप्रतिनिधियों, युवाओं और नक्सल प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान सूबे के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने एक अहम भरोसा दिलाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार उन बंदियों की रिहाई और उनके मामलों के त्वरित निपटारे के लिए पूरी तरह गंभीर है, जिन पर किसी भी प्रकार के गंभीर हिंसक या जनहानि के मामले दर्ज नहीं हैं।

डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर कानूनी दायरे में रहकर हर पात्र व्यक्ति को न्याय दिया जाएगा।

केसों के वर्गीकरण के साथ बनी फुलप्रूफ कार्ययोजना

प्रकरणों के निपटारे की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार ने 10 जुलाई को एक उच्चस्तरीय ब्लूप्रिंट तैयार किया है। गृह विभाग के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिरीक्षक, कमिश्नर और बस्तर के 12 जिलों के कलेक्टर-एसपी की बैठक में मामलों को दो हिस्सों में बांटकर काम करने की रणनीति बनी है:

गैर-जनहानि वाले मामले: ऐसे केस जिनमें कोई हताहत नहीं हुआ है।

गंभीर/जनहानि वाले मामले: जिनमें हिंसक घटनाएं शामिल हैं।

साप्ताहिक समीक्षा और कानूनी मदद की व्यवस्था

निर्दोषों को राहत: जिन मामलों में जनहानि नहीं हुई है, उनकी समीक्षा के लिए हर जिले के एसपी, सरकारी वकीलों और अभियोजन अधिकारियों की एक विशेष टीम बनाई गई है। यह टीम हर हफ्ते बैठक कर मामलों को जल्द खत्म करने की दिशा में काम करेगी।

अदालती प्रक्रिया में तेजी: जिन मामलों में गंभीर धाराएं हैं और कोर्ट में सुनवाई चल रही है, वहां गवाही और चालान पेश करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा ताकि अदालती फैसला जल्द आ सके।

अपील की सुविधा: यदि किसी बंदी के परिजन अपने केस की दोबारा जांच या समीक्षा चाहते हैं, तो वे सीधे जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) को आवेदन दे सकते हैं। वकीलों की टीम इसका कानूनी परीक्षण करेगी।

बस्तर में लौट रही है ‘असली आजादी’

मुलाकात के दौरान उपमुख्यमंत्री ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि माओवादी हिंसा के दौर को उन्होंने कबीरधाम में बेहद करीब से देखा है। उन्होंने बस्तर के ‘किसकोड़ो’ गांव का जिक्र करते हुए कहा कि जो इलाका कभी खौफ के साए में था, वहां के ग्रामीण आज खुद को पहली बार स्वतंत्र महसूस कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं की समस्याओं को सुना और उनके जल्द समाधान का भरोसा दिया।

मुख्यधारा से जुड़ने और जैविक खेती अपनाने की अपील

विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर में शांति, विश्वास और विकास लाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए राजनीति से ऊपर उठकर काम किया जा रहा है। उन्होंने बस्तर के युवाओं से मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुए किसानों से जैविक (ऑर्गेनिक) खेती अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि सरकार बस्तर के जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए ‘NPOP’ सर्टिफिकेशन की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

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