सरकार ताकत का इस्तेमाल करके बच्चों की आवाज दबा रही : मल्लिकार्जुन खड़गे

नई दिल्ली (एजेंसी)। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को उच्च सदन (राज्यसभा) में NEET पेपर लीक और आंदोलनकारी छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का मुद्दा छाया रहा। विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मामला जोर-शोर से उठाया।
‘छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही सरकार’
राज्यसभा में बोलते हुए खड़गे ने कहा कि NEET परीक्षा में हुई धांधली कोई मामूली या सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज को दबाने के लिए सरकार ताकत और पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। खड़गे ने परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता की मांग की।
हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही रुकी
खड़गे के बयान के दौरान सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी बहस और नारेबाजी शुरू हो गई। सदन में बढ़ते हंगामे और अशांति को देखते हुए सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
‘एक्स’ पर सरकार को घेरा, उठाए कई अहम मुद्दे
संसद सत्र की शुरुआत से पहले खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर भी केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष एकजुट होकर जनता से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगेगा।
खड़गे ने अपने पोस्ट में मुख्य रूप से इन विषयों को रेखांकित किया:
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था: उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2014 से अब तक 150 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं और कई छात्रों ने अपनी जान दी है। उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
राम मंदिर चंदा मामला: राम मंदिर निर्माण निधि में वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए खड़गे ने इसकी स्वतंत्र जांच और पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
ई-20 एथेनॉल नीति: वाहनों में एथेनॉल मिश्रण की अनिवार्यता को आम जनता की जेब पर बोझ बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
खड़गे ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इन सभी ज्वलंत मुद्दों और आने वाले विधेयकों पर सरकार की जवाबदेही तय करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
















