भिलाई स्टील प्लांट स्क्रैप घोटाला : प्रमुख व्यवसायी भास्कर मुदलियार पुलिस हिरासत में

भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से फ्लू डस्ट के नाम पर लोहा चोरी करने के चर्चित मामले में भिलाई पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इस गिरोह से जुड़े वैशाली नगर निवासी और नामी व्यापारी भास्कर मुदलियार को अरेस्ट कर लिया।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी की गाड़ियां लंबे समय से बीएसपी के अंदर चल रही थीं। परिवहन रिकॉर्ड, दस्तावेजों और साक्ष्यों की पड़ताल के दौरान भास्कर की सीधी संलिप्तता के प्रमाण मिले, जिसके आधार पर उसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
अब तक 17 लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस अब तक कुल 17 लोगों को जेल भेज चुकी है, जिसमें बीएसपी के जीएम हिमांशु भूषण मलिक और एजीएम मनोज कुमार देवांगन जैसे बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित अपराध है और जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए नाम सामने आ रहे हैं। आने वाले समय में कुछ और लोगों पर शिकंजा कस सकता है।
प्लांट के भीतर से मिल रहा था शह
तफ्तीश में खुलासा हुआ है कि बीएसपी के कुछ अफसरों की साठगांठ से यह पूरा खेल चल रहा था। फ्लू डस्ट की आड़ में कीमती आयरन स्क्रैप गाड़ियों में लोड कर बाहर निकाला जाता था और इसे अकलोरडीह स्थित एके ट्रेडर्स समेत कई अन्य डिपो में डंप किया जाता था। औधोगिक कचरे के बहाने माल बाहर भेजे जाने के कारण लंबे समय तक यह फर्जीवाड़ा पकड़ा नहीं जा सका।
मई में हुआ था पूरे रैकेट का भंडाफोड़
26 मई 2026 को भिलाई पुलिस ने अकलोरडीह और हथखोज स्थित ठिकानों पर अचानक रेड मारी थी। इस दौरान कई ट्रकों, हाईवा, जेसीबी और हाइड्रा मशीनों के साथ भारी मात्रा में स्क्रैप बरामद हुआ था। पुलिस ने लगभग ₹3.22 करोड़ मूल्य की गाड़ियां, मशीनें और ₹90 लाख की कीमत का 250 टन आयरन स्क्रैप जब्त किया था।
क्या होता है फ्लू डस्ट?
स्टील प्लांट और ब्लास्ट फर्नेस की चिमनियों से निकलने वाले सूक्ष्म कणों को फ्लू डस्ट कहा जाता है। इसमें लोहे के अंश मौजूद रहते हैं। आरोपी इसी डस्ट के परिवहन के लाइसेंस का फायदा उठाकर इसके नीचे कीमती स्क्रैप छुपाकर तस्करी कर रहे थे।
पुलिस फिलहाल पूरे फाइनेंशियल ट्रेल, ट्रांसपोर्टेशन और प्लांट के अंदरूनी सिंडिकेट की गहराई से जांच कर रही है।
















