यूपी-जापान का ऐतिहासिक समझौता : उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार

नई दिल्ली (एजेंसी)। नई दिल्ली में आयोजित ‘उत्तर प्रदेश-जापान निवेश सम्मेलन-2026’ के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापानी उद्यमियों को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि जापान की उच्च तकनीक, गुणवत्ता और रिसर्च क्षमता का यदि उत्तर प्रदेश के विशाल बाजार, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और हुनरमंद युवाओं के साथ तालमेल बैठता है, तो इससे औद्योगिक साझेदारी को एक नया आयाम मिलेगा। सीएम के अनुसार, यह सहयोग महज वित्तीय निवेश तक सीमित न रहकर दोनों क्षेत्रों के तकनीकी व सर्वांगीण विकास का जरिया बनेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी नीतियों और मजबूत इच्छाशक्ति के कारण उत्तर प्रदेश आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बना चुका है। राज्य तेजी से $1$ ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। बीते 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश का बजट, प्रति व्यक्ति आय और जीएसडीपी (GSDP) लगभग तीन गुना बढ़ा है, वहीं कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी में भी तीन गुना से अधिक का इजाफा दर्ज हुआ है।
राज्य के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक क्षमता पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि:
कनेक्टिविटी व इंफ्रास्ट्रक्चर: देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60% हिस्सा यूपी में है। राज्य में 17 हवाई अड्डे, विशाल रेल नेटवर्क, 7 शहरों में मेट्रो सुविधा, देश की पहली रैपिड रेल, दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और वाराणसी में अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपेवे जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मजबूत औद्योगिक आधार: वर्तमान में प्रदेश में 96 लाख से अधिक एमएसएमई (MSME) इकाइयां, 35 हजार से अधिक बड़े उद्योग और 22 हजार से अधिक स्टार्टअप कार्यरत हैं। सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम का भी तेजी से विस्तार हो रहा है।
खाद्य और कृषि क्षेत्र: उत्तर प्रदेश को देश का ‘फूड बास्केट’ माना जाता है, जो भारत के कुल खाद्यान्न उत्पादन में करीब 21% योगदान देता है।
आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि भगवान बुद्ध की करुणा और जीवन मूल्य दोनों देशों को आपस में जोड़ते हैं। प्रदेश में स्थित सारनाथ, कुशीनगर, श्रावस्ती और कपिलवस्तु जैसे प्रसिद्ध बौद्ध स्थल जापानी नागरिकों व पर्यटकों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। उन्होंने भगवान बुद्ध के प्रसाद के रूप में विख्यात और ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) योजना में शामिल ‘काला नमक चावल’ का भी उल्लेख किया।
अंत में, मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स क्षमता और विशाल बाजार के साथ जापान का ‘काइजन’ दर्शन और तकनीकी कौशल मिलकर मैन्युफैक्चरिंग, कौशल विकास, आरएंडडी (R&D) और रोजगार सृजन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
















