शुरुआती दौर के तानों से महानायक बनने तक : अमिताभ बच्चन ने याद किए अपने संघर्ष के दिन

मुंबई (एजेंसी)। बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन आज जिस मुकाम पर हैं, वहाँ पहुँचने का रास्ता बेहद मुश्किलों भरा रहा है। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के मंच पर राष्ट्रमंडल खेल 2026 की स्वर्ण पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और अन्य मेहमानों से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने शुरुआती करियर की कड़वी यादें साझा कीं।
कद और अभिनय पर मिलते थे ताने
अस्मिता डे द्वारा सेट पर डांट खाने के सवाल पर अमिताभ ने बताया कि शुरुआती दिनों में उन्हें न केवल रिजेक्शन बल्कि तीखी आलोचनाएं भी झेलनी पड़ीं। लोग उनकी अधिक लंबाई और अदाकारी पर सवाल उठाते थे और यहाँ तक कह देते थे कि उन्हें एक्टिंग नहीं आती और उन्हें वापस घर लौट जाना चाहिए।
सेट पर निर्देशकों का सख्त रवैया
उन्होंने बताया कि जब काम मिलना शुरू हुआ, तब भी निर्देशकों से डायलॉग डिलीवरी और सही पोजिशनिंग को लेकर अक्सर डांट पड़ती थी। एक अन्य किस्सा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि उस दौर में उनके पास खुद की गाड़ी नहीं होती थी और दूसरों के साथ सेट पर पहुँचना पड़ता था। एक दिन जब वह लेट पहुँचे, तो निर्देशक ने गुस्से में उन्हें देखते ही कह दिया कि शूटिंग खत्म हो चुकी है और वे तुरंत बाहर निकल जाएँ।
कमियों को बनाया ताकत
इन तमाम अपमान और चुनौतियों के बावजूद बिग बी ने हार नहीं मानी और हर अनुभव से सीखा। जिन चीज़ों—जैसे उनकी लंबाई और आवाज़—के लिए कभी उनका मज़ाक उड़ाया गया था, वही आगे चलकर भारतीय सिनेमा में उनकी सबसे बड़ी और अनोखी पहचान बनीं।
83 की उम्र में भी काम के प्रति अटूट लगन
83 वर्ष की आयु में भी अमिताभ बच्चन लगातार सक्रिय हैं। एक तरफ जहाँ वह ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की शूटिंग में व्यस्त हैं, वहीं दूसरी ओर ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कल्कि’ के अगले भाग के काम में जुटे हुए हैं। उनका यह सफर साबित करता है कि मेहनत और लगन से हर आलोचना का जवाब दिया जा सकता है।
















