दिल्ली में स्वाइन फ्लू का प्रकोप : मामलों में वृद्धि के कारण और बचाव के उपाय

नई दिल्ली (एजेंसी)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इन्फ्लूएंजा A (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में तेजी से उछाल दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस वर्ष H1N1 के कुल 1,777 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 433 मरीज केवल पिछले दो हफ्तों में मिले हैं। एम्स, सफदरजंग और आरएमएल जैसे प्रमुख अस्पतालों की ओपीडी में फ्लू के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्थिति को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के साथ समीक्षा बैठक कर निगरानी बढ़ाने और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है।
केस बढ़ने के मुख्य कारण
मौसम और बंद वातावरण: एम्स के प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल के अनुसार, मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव, नमी और बंद वेंटिलेशन वाले कमरों में एयर कंडीशनर का उपयोग वायरस के फैलने के लिए अनुकूल माहौल बनाता है।
जांच में तेजी: मामलों की बढ़ती संख्या का एक बड़ा कारण पहले की तुलना में अधिक और सटीक स्वाइन फ्लू टेस्टिंग का होना भी है।
उच्च जोखिम वाले समूह
निम्नलिखित लोगों को स्वाइन फ्लू से अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है:
बुजुर्ग और छोटे बच्चे
गर्भवती महिलाएं
डायबिटीज, हृदय और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित मरीज
कमजोर इम्युनिटी वाले व्यक्ति
सावधानी और लक्षण
सांस लेने में तकलीफ, छाती में दर्द, ऑक्सीजन स्तर गिरना या अत्यधिक कमजोरी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बचाव के तरीके: हाथों की नियमित सफाई करें, खांसते समय मुंह ढकें, भीड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनें और बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से दवाइयां न लें।
प्रशासन की तैयारी
दिल्ली सरकार के अनुसार, इन्फ्लूएंजा के कुल 2,,392 मामलों (जिसमें H1N1 मुख्य है) की निगरानी आईडीएसपी (IDSP) पोर्टल द्वारा रोजाना की जा रही है। अस्पतालों में पर्याप्त बेड, दवाओं और मेडिकल उपकरणों की व्यवस्था पूरी है।
















