बस्तर में शांति का दौर : सुरक्षा, विकास और निवेश से संवर रहा छत्तीसगढ़

बस्तर। छत्तीसगढ़ का बस्तर अंचल, जो दशकों तक उग्रवाद के प्रभाव के कारण विकास की दौड़ में पिछड़ गया था, अब शांति और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की ओर तेजी से बढ़ रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने चेन्नई से आए पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल से चर्चा के दौरान राज्य में हो रहे व्यापक प्रशासनिक और आर्थिक बदलावों की जानकारी साझा की।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचा
केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल से क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति मजबूत हुई है। अंदरूनी इलाकों तक सड़कें, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल और मोबाइल नेटवर्क पहुंचाए जा रहे हैं। ‘नियद नेल्लानार’ योजना के जरिए सुरक्षा कैंपों के पास स्थित गांवों को मुख्यधारा से जोड़कर राशन, बैंकिंग और रोजगार जैसी प्राथमिक सुविधाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही हैं।
औद्योगिक और तकनीकी विस्तार
राज्य सरकार ने अपनी नई औद्योगिक विकास नीति (2024-30) के तहत परंपरागत उद्योगों से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया है:
उभरती तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण।
फोकस सेक्टर: फार्मास्युटिकल, टेक्सटाइल और नवीकरणीय ऊर्जा।
शिक्षा हब: नवा रायपुर को उच्च और तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
पर्यटन और स्थानीय अवसर
बस्तर के प्राकृतिक जलप्रपातों, वन संपदा और जनजातीय कला-संस्कृति को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की योजना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार और आजीविका के नए साधन तैयार हो सकें।
















