छत्तीसगढ़ के स्कूलों तक पहुंचेगी मोबाइल साइंस लैब : सीएम साय ने ‘साइंस ऑन व्हील्स’ को दी हरी झंडी

जशपुर। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना जगाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक नई पहल की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने बगिया स्थित कैंप कार्यालय से ‘साइंस ऑन व्हील्स’ नामक एक चलती-फिरती विज्ञान प्रयोगशाला को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल मुख्य रूप से उन दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूली बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित होगी, जहां आधुनिक वैज्ञानिक संसाधनों की पहुंच सीमित है।
किताबी ज्ञान से परे practical लर्निंग पर जोर
कार्यक्रम के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में अपने आसपास के वातावरण को जानने की स्वाभाविक उत्सुकता होती है। ‘साइंस ऑन व्हील्स’ के माध्यम से छात्र पुस्तकों में पढ़े गए वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रत्यक्ष रूप से प्रयोग करके समझ सकेंगे। इससे बच्चों में सवाल पूछने, विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने और समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान ढूंढने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। उन्होंने जोर दिया कि आने वाला समय तकनीक और नवाचार का है, ऐसे में स्कूली स्तर पर ही विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव देना उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
चलती-फिरती लैब में शामिल हैं 4 मुख्य मॉड्यूल
यह विशेष वाहन विभिन्न स्कूलों में जाकर विज्ञान के व्यावहारिक मॉडलों का प्रदर्शन करेगा। इस दौरान छात्रों को मुख्य रूप से चार क्षेत्रों की जानकारी दी जाएगी:
अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी: ब्रह्मांड और खगोल विज्ञान के रहस्यों से छात्रों को रूबरू कराना।
रोबोटिक्स: आधुनिक तकनीक और भविष्य के तकनीकी कौशल की समझ विकसित करना।
सतत विकास (Sustainable Development): पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग के प्रति जागरूकता।
जल शोधन (Water Filtration): प्रयोगों के माध्यम से स्वच्छ जल और संरक्षण के वैज्ञानिक तरीकों को समझाना।
राष्ट्रीय स्तर पर 3 राज्यों में चल रही है यह पहल
‘साइंस ऑन व्हील्स’ का मुख्य उद्देश्य किसी एक आयोजन तक सीमित न रहकर बच्चों में विज्ञान के प्रति स्थाई रुचि पैदा करना है। यह प्रोजेक्ट विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से संचालित एक राष्ट्रीय पहल है। छत्तीसगढ़ के अलावा पंजाब और हिमाचल प्रदेश में प्लक्ष यूनिवर्सिटी, IDYM फाउंडेशन और IIT मंडी के साझे सहयोग से इसे लागू किया जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी डॉ. लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
















