खाड़ी में फिर बढ़ा अमेरिका-ईरान तनाव : ट्रंप ने कहा- होर्मुज पर हमारा कब्जा, समझौते की ज़रूरत नहीं

नई दिल्ली (एजेंसी)। वाशिंगटन और तेहरान के बीच महीने भर की ख़ामोशी के बाद सैन्य और रणनीतिक टकराव एक बार फिर गहरा गया है। हालिया अमेरिकी हवाई हमलों के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर अब अमेरिका का वर्चस्व कायम हो चुका है और ईरान की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने साफ किया कि वे ईरान को किसी समझौते के लिए मनाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि अमेरिका तेहरान को बातचीत की मेज पर लाने का दबाव बना रहा है। उनका कहना है कि ईरान किसी समझौते पर दस्तखत करे या न करे, इससे कोई अंतर नहीं पड़ता क्योंकि ऐसा कोई भी समझौता बेअसर साबित होगा। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियां अमेरिका के पक्ष में हैं और ईरान की जनता को अपनी सत्ता के खिलाफ खुलकर आगे आना चाहिए।
होर्मुज जलमार्ग और वैश्विक तेल बाजार पर असर
सैन्य हमले: अमेरिका द्वारा ईरानी सैन्य ठिकानों पर की गई कार्रवाई के जवाब में ईरान ने जॉर्डन, इराक और बहरीन में मौजूद अमेरिकी अड्डों पर निशाना साधा है।
टैंकरों पर हमला: होर्मुज के निकट दो तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने के बाद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में $4 प्रति बैरल का उछाल दर्ज किया गया, जो पांच हफ्तों का उच्चतम स्तर है।
ईरान का रुख: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जलमार्ग पर अपने दबदबे का दावा करते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनके तेल निर्यात को रोका गया, तो वे खाड़ी के किसी भी देश को ईंधन आपूर्ति नहीं करने देंगे।
जून में हुआ अस्थाई युद्धविराम टूटने के बाद से ही इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर कब्जे को लेकर दोनों देशों के बीच संघर्ष बना हुआ है। अमेरिकी रुख के मुताबिक, ईरान के साथ अब किसी नए युद्धविराम की गुंजाइश खत्म हो चुकी है।
















