पहाड़ी और मैदानी राज्यों में आफत की बारिश : उत्तराखंड में 7 की जान गई, 172 सड़कें ठप, UP-झारखंड में चेतावनी

नई दिल्ली (एजेंसी)। उत्तर भारत के कई राज्यों में लगातार हो रही मुसलाधार बारिश ने स्थिति को गंभीर बना दिया है। नदियां उफान पर हैं और निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोग सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने को मजबूर हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
उत्तराखंड: कुदरत का प्रकोप और जनजीवन अस्त-व्यस्त
जान-माल का नुकसान: राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हादसों के कारण 7 लोगों की मौत हो चुकी है। अल्मोड़ा के हवालबाग में मकान ढहने से 3 और धार इलाके में मलबे में दबने से 2 लोगों की जान गई। पौड़ी के कोटद्वार में उफनती नदी पार करते समय मां और मासूम बच्ची बह गईं।
सड़कें बाधित: भूस्खलन के चलते राज्य की 172 से अधिक सड़कें और 3 प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) बंद हैं। मसूरी-देहरादून मार्ग धंसने और टिहरी, चमोली में मलबे के कारण आवाजाही प्रभावित है। सुरक्षा के लिहाज से सोनप्रयाग में केदारनाथ यात्रा को रोक दिया गया है।
नदियां उफान पर: गौला, शिप्रा, कोसी और खकरा नदियां विकराल रूप में हैं। हल्द्वानी में गौला नदी से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद तटीय इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
स्कूलों में छुट्टी: नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में 2 सितंबर को कक्षा 1 से 12 तक के स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश: बाढ़ जैसे हालात और अलर्ट
हादसे और जलभराव: सीतापुर में दीवार गिरने से 2 लोगों की मौत हुई, जबकि गाजीपुर और बलिया में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर है। बलिया में लगभग 20,000 लोग प्रभावित हैं और यातायात के लिए नावें चलाई जा रही हैं।
वाराणसी और चित्रकूट में संकट: वाराणसी में गंगा खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुकी है, जिससे घाट डूब गए हैं और अंतिम संस्कार गलियों में करने पड़ रहे हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान के बाद फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर और राहत टीमों की मदद ली जा रही है। लखीमपुर खीरी में कक्षा 8 तक के स्कूल बंद हैं।
झारखंड: 10 जिलों में फ्लैश फ्लड की चेतावनी
मौसम विभाग का रेड/ऑरेंज अलर्ट: गढ़वा, पलामू, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में रेड अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में सबसे अधिक (217 मिमी) बारिश दर्ज की गई है।
बांधों से पानी छूटने से खतरा: जमशेदपुर में स्वर्णरेखा और खरकई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गढ़वा में 2 और 3 सितंबर को सभी शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 5 सितंबर तक बारिश की यह स्थिति बनी रह सकती है।
















