CGPSC भर्ती गड़बड़ी मामला : पूर्व OSD चेतन बोरघरिया को कोर्ट ने 6 दिन की ED रिमांड पर भेजा

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) परीक्षा घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के पूर्व OSD और बलरामपुर-रामानुजगंज के अपर कलेक्टर चेतन बोरघरिया को ED ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 6 दिन की रिमांड पर सौंप दिया गया है।
66 लाख से अधिक का नकद लेनदेन
जांच एजेंसी के दावों के अनुसार, बोरघरिया के बैंक खाते में संदिग्ध रूप से 170 बार में करीब ₹66.64 लाख नकद जमा किए गए थे। फोरेंसिक जांच में चेतन बोरघरिया और सह-आरोपी उत्कर्ष चंद्रकार के बीच वित्तीय लेनदेन और रुपयों की मांग से जुड़े मैसेज और कॉल रिकॉर्ड्स भी मिले हैं।
प्रश्नपत्र लीक और ₹3 करोड़ की रिश्वत
ED के मुताबिक, आरोपी उत्कर्ष चंद्रकार, अनिल चंद्रकार और डॉ. विकास चंद्रकार ने CGPSC 2021 के परीक्षार्थियों से चयन कराने के नाम पर ₹3 करोड़ से अधिक की वसूली की थी। आरोप है कि उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले पर्चा उपलब्ध कराने और पूर्व CMO में ऊंचे रसूख का हवाला देकर सफलता की गारंटी दी गई थी।
मैरिज पैलेस और रिसॉर्ट में कोचिंग
जांच में खुलासा हुआ कि प्रारंभिक परीक्षा से पूर्व अभ्यर्थियों को रायपुर स्थित सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में एकत्र कर कथित तौर पर लीक पेपर दिए गए थे। इसके बाद उन्हें बरनावापारा के एक रिसॉर्ट में ले जाकर मुख्य परीक्षा की तैयारी और कोचिंग कराई गई थी।
डिजिटल साक्ष्यों से खुला राज
1 सितंबर को आरोपी के ठिकानों पर की गई छापेमारी के दौरान मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे। जांच में ‘मेसर्स फिगरकेव ई-कॉम (OPC) प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए भी संदिग्ध धन की हेराफेरी के सबूत मिले हैं। अदालत ने सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपी से पूछताछ के लिए रिमांड मंजूर की है।
















