स्थानीय निकाय चुनाव में पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक पर राज्यपाल रमेन डेका का जोर ; 32वें निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन की शुरुआत

रायपुर। नवा रायपुर स्थित अटल नगर में दो दिवसीय 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका रहे, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में राज्यपाल ने स्थानीय स्वशासन और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में तकनीकी के प्रयोग, पारदर्शिता और समावेशी व्यवस्था को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने के लिए स्थानीय निकायों के चुनाव निष्पक्ष और आधुनिक तकनीकों से लैस होने चाहिए।
इस विशेष अवसर पर राज्यपाल ने ‘छत्तीसगढ़ लोकल बॉडी इलेक्शन ईयर बुक–2026’ के पहले संस्करण का विमोचन भी किया। यह पुस्तिका राज्य में निकाय चुनावों के संचालन, नए प्रयोगों और चुनावी प्रणालियों का एक विस्तृत संग्रह प्रस्तुत करती है।
सुशासन और समन्वय: मुख्य सचिव विकास शील ने प्रशासन एवं निर्वाचन आयोग के बीच बेहतर तालमेल तथा स्थानीय निकायों को अधिक प्रभावी बनाने पर अपने विचार रखे।
डिजिटल नवाचार पर चर्चा: सम्मेलन के पहले सत्र में चुनाव प्रबंधन में डिजिटल तकनीक का उपयोग, प्रक्रियात्मक सरलीकरण और पारदर्शिता बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
अनुभवों का आदान-प्रदान: राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने देशभर से आए प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए सम्मेलन के उद्देश्यों की रूपरेखा रखी। वहीं, स्थायी समिति के अध्यक्ष विजय देव ने विचार व्यक्त किए और संयोजक सुधांशु पांडे ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
यह राष्ट्रीय सम्मेलन विभिन्न राज्यों के चुनावी अनुभवों, नवाचारों और आधुनिक तकनीक के आदान-प्रदान के माध्यम से देश में स्थानीय लोकतांत्रिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
















