छत्तीसगढ़ के विकास की नींव हैं हमारे श्रमवीर : राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री साय ने कीं कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

रायपुर। विश्वकर्मा जयंती के पावन अवसर पर रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में एक भव्य राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश की चौमुखी प्रगति का श्रेय यहाँ के मेहनतकश श्रमिकों को जाता है। उन्होंने कहा कि खेतों से लेकर उद्योगों और बड़ी अधोसंरचनात्मक परियोजनाओं तक, राज्य के विकास की हर नींव में हमारे श्रमिक भाई-बहनों का पसीना समाहित है। राज्य गठन के 25 वर्षों के सफर में श्रमिकों का अतुलनीय योगदान रहा है और यही मेहनत ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को साकार करेगी।
श्रमिक हित में मुख्यमंत्री की तीन बड़ी सौगातें
श्रमवीरों की सुविधाओं, आवागमन और आजीविका को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री साय ने तीन प्रमुख घोषणाएं कीं:
आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र: शहरों में काम की तलाश में एकत्र होने वाले मजदूरों के लिए सर्वसुविधायुक्त केंद्र बनाए जाएंगे, जहाँ उनके बैठने, पीने के पानी और मोबाइल चार्जिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं होंगी।
ई-बाइक सहायता योजना: पंजीकृत श्रमिकों के दैनिक आवागमन को सुगम और किफायती बनाने के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू की जाएगी।
रिक्शा चालकों के लिए अनुदान में वृद्धि: असंगठित क्षेत्र के पारंपरिक रिक्शा चालकों को ई-रिक्शा में अपग्रेड करने के लिए दी जाने वाली सरकारी सहायता राशि को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1,00,000 कर दिया गया है।
1.43 लाख से अधिक श्रमिकों को ₹51.32 करोड़ की राशि सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग के विभिन्न मंडलों द्वारा संचालित 26 योजनाओं के तहत डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से 1 लाख 43 हजार से अधिक श्रमिकों के बैंक खातों में ₹51.32 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए 67 कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। बीते ढाई सालों में राज्य सरकार द्वारा ₹1000 करोड़ से अधिक का लाभ श्रमिकों तक पहुँचाया जा चुका है।
शिक्षा और आत्मनिर्भरता को नई पहचान
अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना: श्रमिक परिवारों के होनहार बच्चों को प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा दी जा रही है। इस योजना का दायरा 100 बच्चों से बढ़ाकर अब 200 बच्चों तक कर दिया गया है।
सफलता की मिसाल (मनिंदर कौर): जेईई (JEE) परीक्षा पास कर NIT सूरत में प्रवेश पाने वाली श्रमिक परिवार की बेटी मनिंदर कौर को मुख्यमंत्री ने लैपटॉप और ₹1.75 लाख का चेक सौंपा। उनकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई का पूरा खर्च श्रम विभाग उठाएगा।
दीदी ई-रिक्शा योजना: सम्मेलन में 100 श्रमिक महिलाओं को ई-रिक्शा की चाबी दी गई। श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत सहायता राशि को बढ़ाकर ₹1.50 लाख कर दिया गया है।
तकनीक और पारदर्शिता की ओर कदम
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नवीन उपकर कटौती (Cess Deduction) पोर्टल का शुभारंभ किया और क्यूआर (QR) कोड व पीवीसी (PVC) आधारित नए श्रमिक पंजीयन कार्ड का विमोचन किया। उन्होंने बताया कि ‘वन नेशन-वन राशन कार्ड’ और पीएफ व्यवस्था में तकनीकी बदलावों से कामगारों के जीवन में काफी सुगमता आई है।
आत्मीयता का दृश्य और ‘आशीर्वाद का दीया’
महासम्मेलन में उस समय एक भावुक और आत्मीय दृश्य देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री साय स्वयं श्रमिक बहनों के साथ जमीन पर बैठकर दोपहर के भोजन में शामिल हुए और उनके हाल-चाल तथा योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली।
साथ ही, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और उनके सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री सहित हजारों श्रमिकों ने ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्ज्वलित कर उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की।
वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति
कार्यक्रम में श्रम एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित कई विधायक, जन-प्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आगामी समय में रोजगार मेले के माध्यम से लगभग 3,000 युवाओं को रोजगार देने के लक्ष्य की घोषणा की।
















