बुजुर्गों के सशक्तिकरण के लिए अनूठी पहल : पोड़ी चिरमिरी में मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

रायपुर। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के पोड़ी चिरमिरी स्थित मंगल भवन में दो दिवसीय भव्य मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के विशेष अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान करने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और स्वावलंबन को सुनिश्चित करना था।
महापौर रामनरेश राय की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान बुजुर्गों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया, ताकि उन्हें समाज में गरिमापूर्ण जीवन का अहसास कराया जा सके।
एक ही छत के नीचे स्वास्थ्य जांच और सहायक उपकरणों का वितरण
30 सितंबर से शुरू हुए इस शिविर में स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा बुजुर्गों के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण और आंकड़े निम्नलिखित हैं:
श्रवण यंत्र वितरण: सुनने में असमर्थ करीब 100 बुजुर्गों को मौके पर ही श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए।
वॉकिंग स्टिक (छड़): चलने-फिरने में सहायता के लिए लगभग 150 जरूरतमंद वृद्धजनों को वॉकिंग स्टिक बांटी गईं।
नेत्र परीक्षण: शिविर में 450 से अधिक लोगों की आंखों की जांच की गई, और आवश्यकतानुसार चश्मे भी वितरित किए जाएंगे।
अन्य सुविधाएं: पात्रता के आधार पर व्हीलचेयर और अन्य चिकित्सीय उपकरण भी प्रदान किए गए।
समाज और प्रशासन की साझा जिम्मेदारी
संबोधन के दौरान महापौर रामनरेश राय ने इस बात पर जोर दिया कि वरिष्ठ नागरिकों का सम्मान किसी एक दिन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह हर परिवार और समाज की सतत जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से बुजुर्गों की देखभाल के प्रति संवेदनशील रहने की अपील की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि शिविर में न केवल बीमारियों की पहचान की गई, बल्कि आगे के इलाज और रेफरल की व्यवस्था में भी पूरा सहयोग दिया जा रहा है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती ने ‘राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम’ की जानकारी देते हुए कहा कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना विभाग की प्राथमिकता है।
समाज कल्याण विभाग की प्रतिनिधि अंजना बेक ने वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं और सहायक उपकरणों के वितरण की प्रक्रिया साझा करते हुए कहा कि इस पहल का मकसद बुजुर्गों के दैनिक जीवन को अधिक सुगम और आत्मनिर्भर बनाना है। इस प्रकार यह शिविर स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक सुरक्षा का एक बेहतरीन संगम साबित हुआ।
















