हेल्थ

बेवजह का गुस्सा और चिड़चिड़ापन बन सकता है बीमारी का संकेत, जानिए कौन से शारीरिक कारक हैं जिम्मेदार

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। किसी बात पर तात्कालिक रूप से गुस्सा आना एक प्राकृतिक मानवीय प्रतिक्रिया है, जो परिस्थिति के सामान्य होने पर खुद-ब-खुद शांत हो जाती है। लेकिन अगर बिना किसी स्पष्ट वजह के बार-बार मूड खराब रहने लगे और स्वभाव में लगातार चिड़चिड़ापन बना रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अक्सर लोग इसे केवल मानसिक तनाव या खराब दिन का नतीजा मान लेते हैं, जबकि कई बार इसके पीछे शरीर के अंदर चल रही कोई शारीरिक गड़बड़ी जिम्मेदार होती है।

अपर्याप्त या गुणवत्ताहीन नींद सीधे तौर पर हमारे भावनात्मक संतुलन को बिगाड़ देती है। रात के समय मोबाइल स्क्रीन पर वक्त बिताना, अनियमित दिनचर्या और अत्यधिक कैफीन का सेवन नींद के चक्र को बुरी तरह प्रभावित करता है। पूरी नींद न मिलने पर केवल शारीरिक थकान ही नहीं होती, बल्कि भावनाओं पर काबू रखने की क्षमता और ध्यान केंद्रित करने की ताकत भी कम हो जाती है, जिससे व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर झल्लाने लगता है।

हमारे शरीर की ऊर्जा और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने वाले थायरॉइड हॉर्मोन में उतार-चढ़ाव भी मूड स्विंग्स का एक बड़ा कारण बनते हैं। जब शरीर में थायरॉइड हॉर्मोन का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है, तो हाइपरथायरायडिज्म की स्थिति पैदा हो जाती है। इस अवस्था में व्यक्ति को असहजता, बेचैनी, एंग्‍जायटी और नींद न आने जैसी समस्याओं के साथ-साथ गंभीर चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है, जिसके साथ दिल की धड़कन तेज होना या वजन घटने जैसे लक्षण भी जुड़ सकते हैं।

रक्त में शर्करा (ब्लड शुगर) का स्तर बिगड़ना भी सीधे तौर पर मिजाज को प्रभावित करता है। शुगर लेवल अचानक नीचे गिरने पर कमजोरी, शरीर में कंपकंपी, पसीना आना और अत्यधिक चिड़चिड़ापन उभर कर सामने आता है, जो विशेष रूप से डायबिटीज या इंसुलिन लेने वाले मरीजों में आम है। इसके अतिरिक्त, शरीर में आयरन, विटामिन बी12 और फोलेट जैसे पोषक तत्वों की कमी भी मानसिक सुस्ती और एकाग्रता में कमी का कारण बनती है, जिसका गहरा असर व्यक्ति के स्वभाव और व्यवहार पर पड़ता है।

यदि इस तरह का मानसिक तनाव या झुंझलाहट लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे केवल स्वभाव की खराबी समझकर टालने के बजाय अपनी जीवनशैली, नींद के पैटर्न, हॉर्मोनल सेहत और पोषण स्तर पर ध्यान देना आवश्यक है। शरीर के ये आंतरिक संकेत समय रहते किसी छिपी हुई स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button