छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद का अभिनंदन प्रस्ताव : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के नेतृत्व पर मुहर

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के शासन के मुखिया के रूप में निरंतर 25 वर्ष पूर्ण होने पर एक महत्वपूर्ण अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक के उपरांत मुख्यमंत्री ने प्रेस वार्ता कर प्रधानमंत्री के दो दशकों से अधिक के नेतृत्व के छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा पर पड़े गहरे प्रभावों की जानकारी दी।

सुशासन और विकास के प्रमुख आयाम

सुशासन की मजबूत नींव: गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए टेक्नोलॉजी, जनसंवाद और परिणाम-आधारित प्रयोगों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाया गया। छत्तीसगढ़ ने भी अपनी शुरुआती विकास यात्रा में ‘गुजरात मॉडल’ के अनुभवों से सीख लेते हुए तेज गति से प्रगति की है।

औद्योगिक और प्रशासनिक सुधार: राज्य में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ और वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम जैसी पहलों से निवेश का अनुकूल माहौल बना है। इसके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे 1.60 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।

डिजिटल सशक्तिकरण: जनधन-आधार-मोबाइल (JAM) त्रयी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से शासन को अधिक पारदर्शी बनाया गया है। राज्य में किसानों की 42 लाख से अधिक फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।

गरीब कल्याण, कृषि और सामाजिक उत्थान

आवास और बुनियादी सुविधाएं: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ में लाखों पक्के आवासों का निर्माण हुआ है, और निर्माण की गति में राज्य देश में अग्रणी स्थान पर है। स्वच्छ भारत अभियान, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत के जरिए अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाया जा रहा है।

कृषि अर्थव्यवस्था का विकास: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और एमएसपी के माध्यम से किसानों को मजबूत आर्थिक संबल मिला है। पंजीकृत किसानों की संख्या और धान उपार्जन में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।

महिला एवं युवा सशक्तिकरण: ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत प्रदेश की माताओं-बहनों को नियमित वित्तीय सहायता दी जा रही है। साथ ही, खेलो इंडिया और विभिन्न कौशल विकास अभियानों के जरिए युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं।

नक्सलवाद से निर्णायक मुक्ति और बस्तर में शांति

छत्तीसगढ़ के लिए एक ऐतिहासिक और गौरवशाली क्षण के रूप में, केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों तथा सुरक्षाबलों के साहस से 31 मार्च 2026 को प्रदेश को नक्सल समस्या से निर्णायक मुक्ति मिली है। ‘नियद नेल्ला नार’ जैसी योजनाओं के माध्यम से दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं, जिससे बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

अग्निवीरों के लिए भर्ती को मंजूरी: राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के अनुभव और अनुशासन का लाभ देने के लिए गृह विभाग में आरक्षक के 36 रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति प्रदान की है।

विभाग का बदला नाम: छत्तीसगढ़ शासन कार्य आवंटन नियम में संशोधन करते हुए ‘आदिम जाति विकास विभाग’ का नाम बदलकर ‘जनजातीय कार्य विभाग’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

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