मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल : दुर्लभ बीमारी से पीड़ित 10 वर्षीय रिमोन के इलाज के लिए 12 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मंजूर

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के धुरकोट गांव से एक राहत भरी खबर सामने आई है। यहां के रहने वाले 10 वर्षीय रिमोन टंडन, जो एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे हैं, उनके इलाज के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ के तहत 12 लाख रुपये की वित्तीय सहायता तुरंत मंजूर कर दी है। इस मदद से रिमोन के परिवार में एक नई उम्मीद और राहत की लहर दौड़ गई है।
मुख्यमंत्री से आत्मीय भेंट और सरकार का भरोसा
रिमोन अपने माता-पिता के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिलने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने बच्चे को प्यार से गोद में उठाया और उनके स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से जानकारी ली। परिवार की आर्थिक तंगी और महंगे इलाज की बात सामने आते ही मुख्यमंत्री ने तुरंत 12 लाख रुपये की मदद के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि रिमोन केवल उनका नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का बेटा है और उसकी देखरेख करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इलाज में पैसों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
क्या है रिमोन की बीमारी?
सक्ती जिले के डभरा विकासखंड के धुरकोट गांव निवासी रिमोन टंडन आइसोलेटेड ग्रोथ हार्मोन की कमी (टाइप ए-1) नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं। डॉक्टरों के अनुसार इस विशेष इलाज का खर्च करीब 12 लाख रुपये है।
रिमोन के पिता अजय कुमार टंडन खेती-किसानी करके परिवार का गुजारा करते हैं। सीमित आय होने के कारण इतनी बड़ी रकम जुटा पाना उनके लिए असंभव था, जिससे पूरा परिवार गहरी चिंता में डूबा हुआ था।
परिवार ने जताया आभार और नन्हे रिमोन ने सुनाया गीत
मुख्यमंत्री से मिली इस त्वरित मदद से किसान पिता ने आभार जताते हुए कहा कि कठिन समय में सरकार ने उनके परिवार को बहुत बड़ा सहारा दिया है।
मुलाकात के दौरान एक बेहद प्यारा पल तब आया जब खुश होकर रिमोन ने मुख्यमंत्री को एक गीत सुनाया। मुख्यमंत्री ने बड़े प्यार से उनका गीत सुना, उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें खूब पढ़ाई करने व स्वस्थ जीवन जीने का आशीर्वाद दिया।
‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ बन रही है वरदान
यह योजना गंभीर और दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित उन गरीब व जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा संबल बन रही है, जो महंगे इलाज का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। सरकार की यह पहल यह सुनिश्चित करती है कि पैसों की कमी के कारण किसी भी नागरिक के इलाज में कोई रुकावट न आए। रिमोन के लिए स्वीकृत यह सहायता इसी संवेदनशील सोच का जीवंत उदाहरण है।
















