माहवारी के दिनों में क्यों बढ़ जाता है महिलाओं का वजन? जानिए इसके पीछे के मुख्य कारण

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। माहवारी महिलाओं के जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है, जिसके दौरान उन्हें कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान पेट दर्द, मूड स्विंग्स, थकान और चेहरे पर मुंहासे जैसी समस्याएं आम हैं। इसके अलावा, कई महिलाओं को इन दिनों में अपना वजन बढ़ता हुआ भी महसूस होता है।
आइए जानते हैं कि माहवारी के दौरान वजन बढ़ने के पीछे कौन-से प्रमुख कारण जिम्मेदार होते हैं:
- हॉर्मोनल असंतुलन
माहवारी के समय शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रॉन हॉर्मोन्स का स्तर तेजी से बदलता है। प्रोजेस्ट्रॉन हॉर्मोन के बढ़ने के कारण शरीर में पानी रुकने (Water Retention) लगता है, जिसे ब्लोटिंग (Bloating) भी कहा जाता है। इस वजह से शरीर में भारीपन महसूस होता है और अचानक वजन बढ़ा हुआ प्रतीत होता है।
- शारीरिक गतिविधियों में कमी
इस दौरान होने वाले शारीरिक दर्द और कमजोरी के कारण महिलाओं का एक्सरसाइज या जिम जाना छूट जाता है। वर्कआउट बंद होने और वॉटर रिटेंशन के कारण शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बर्न नहीं हो पाती, जिससे वजन में बढ़ोतरी होने लगती है।
- पाचन तंत्र से जुड़ी दिक्कतें
माहवारी के दिनों में प्रोजेस्ट्रॉन का स्तर बढ़ने से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है। खाया हुआ भोजन ठीक से न पचने के कारण एसिडिटी, कब्ज और पेट फूलने (Bloating) जैसी समस्याएं होने लगती हैं, जिससे भी वजन बढ़ता हुआ नजर आता है।
- अनियंत्रित खानपान और क्रेविंग्स
इस अवधि में हॉर्मोनल बदलावों के चलते बार-बार कुछ चटपटा या मीठा खाने की इच्छा (Cravings) होती है। ऐसे में चॉकलेट या जंक फूड का सेवन बढ़ जाता है और शारीरिक सक्रियता कम होने के कारण कैलोरी सरप्लस हो जाती है, जो वजन बढ़ाने का काम करती है।
- कैफीन का अधिक सेवन
माहवारी के दौरान थकान और दर्द से राहत पाने के लिए कई महिलाएं चाय या कॉफी का सेवन बढ़ा देती हैं। शरीर में कैफीन की मात्रा जरूरत से ज्यादा पहुंचने पर ब्लोटिंग की समस्या और अधिक बढ़ जाती है, जिससे कुछ वजन अस्थायी रूप से बढ़ सकता है।
सुझाव: पीरियड्स के दौरान हल्का-फुल्का व्यायाम या वॉक करने, पर्याप्त पानी पीने और संतुलित आहार लेने से इस वजन को नियंत्रित रखने में काफी मदद मिल सकती है।
















