प्रवर्तन निदेशालय का बड़ा एक्शन : रायपुर में पूर्व महापौर के भाई अनवर ढेबर के ठिकानों पर दबिश

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार की अलसुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की केंद्रीय जांच टीम ने कई जगहों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई के तहत बहुचर्चित आबकारी (शराब) घोटाले में नामजद आरोपी अनवर ढेबर के ठिकाने समेत शहर के लगभग तीन से चार परिसरों पर छापेमारी की गई। जांच एजेंसी की टीमें तड़के ही संबंधित परिसरों में दाखिल होकर वित्तीय लेन-देन और कागजातों की गहन जांच में जुट गईं।
सुरक्षा के कड़े पहरे में अनवर ढेबर के आवास पर तफ्तीश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ED के अधिकारियों का एक दस्ता तड़के ही अनवर ढेबर के निवास स्थान पर पहुँचा और छानबीन शुरू की। कार्रवाई की गोपनीयता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर के चारों ओर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। हालांकि, टीम किस विशिष्ट वित्तीय अनियमितता या किन गुप्त दस्तावेजों की तलाश कर रही है, इसका आधिकारिक ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
हाल ही में रायपुर और दुर्ग में भी हुई थीं कार्यवाहियाँ
उल्लेखनीय है कि बीते कुछ दिनों में जांच एजेंसी की सक्रियता रायपुर और दुर्ग जिले में लगातार बनी हुई है। इससे पहले:
रायपुर (पंडरी): रवि नगर स्थित ‘सुशील विला’ में कारोबारी नितिन डागा के निवास पर ED ने वाहनों के काफिले के साथ पहुँचकर दस्तावेजों की पड़ताल की थी।
दुर्ग (ऋषभ ग्रीन सिटी): ट्रांसपोर्ट और रियल एस्टेट कारोबार से ताल्लुक रखने वाले व्यापारी गुलशन बघेल के ई-701 स्थित ठिकाने पर सुबह 6 बजे लगभग 10 सदस्यीय दल ने छापा मारा था।
एजेंसी के आधिकारिक बयान की प्रतीक्षा
ताज़ा छापेमार कार्रवाई के बाद प्रदेश में आबकारी मामले की जांच को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है। फिलहाल ED की ओर से इस रेड के मुख्य कारणों, जब्त दस्तावेजों या रिकवरी से जुड़ी कोई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है। सभी स्थानों पर जारी रेड एक ही मामले से जुड़ी है या अलग-अलग प्रकरणों का हिस्सा है, यह एजेंसी के आधिकारिक वक्तव्य के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
















