फिल्म ‘हनुमान अंश’ फेम नेत्रहीन गायक सुनील लोधी की आंखों का इलाज शुरू, फैंस से की दुआ की अपील

सागर (एजेंसी)। फिल्म ‘हनुमान अंश’ से रातों-रात चर्चा में आए दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी की जिंदगी में अब रोशनी की एक नई किरण जगी है। सुनील की आंखों का इलाज चिकित्सीय देखरेख में शुरू हो चुका है। इस बात की जानकारी खुद सुनील ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने प्रशंसकों के साथ साझा की है।
सोशल मीडिया पर साझा की भावुक पोस्ट
सुनील लोधी ने इलाज की शुरुआत से जुड़ी कुछ तस्वीरें इंटरनेट पर पोस्ट की हैं, जिसमें चिकित्सक उनकी आंखों का परीक्षण करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इन तस्वीरों के साथ उन्होंने ईश्वर से अपनी दृष्टि वापस मिलने की प्रार्थना की है। सुनील ने लिखा कि कठिन परिस्थितियों में भी भगवान ने हमेशा उनका साथ निभाया है। उन्होंने विश्वास जताया है कि उनके माता-पिता का वर्षों पुराना इंतजार अब जरूर पूरा होगा।
अपने चाहने वालों के नाम संदेश में सुनील ने कहा कि लोगों का प्यार, आशीर्वाद और दुआएं ही उनकी सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा, “हे प्रभु, अब बस एक कृपा और कर देना… मेरी आंखों की रोशनी वापस लौटा देना।” उनकी इस पोस्ट को देखकर प्रशंसक भी काफी भावुक हो गए हैं और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं। हालांकि, इलाज अभी शुरुआती चरण में है और डॉक्टरों द्वारा अभी तक दृष्टि वापसी को लेकर कोई आधिकारिक परिणाम साझा नहीं किया गया है।
ग्रामीण परिवेश से लेकर बॉलीवुड तक का संघर्षपूर्ण सफर
मध्य प्रदेश के सागर जिले के अंतर्गत आने वाले अगरा गांव के रहने वाले 25 वर्षीय सुनील लोधी की जीवन यात्रा काफी प्रेरणादायक है। जन्म से ही नेत्रहीन होने और अत्यधिक तंगी के कारण वह अपनी औपचारिक शिक्षा पूरी नहीं कर सके। महज़ 10-11 वर्ष की उम्र से ही उन्होंने पारंपरिक बुंदेली वाद्य यंत्र ‘तमूरा’ बजाना और भजन गाना शुरू कर दिया था। एक दौर ऐसा भी था जब उन्होंने अपनी आजीविका चलाने के लिए ट्रेनों में भी भजन गाए।
वर्ष 2019 में सोशल मीडिया पर उनके गाए हनुमान भजन ‘ओ मोरे संकट के कटैया हनुमान’ के वायरल होने के बाद उन्हें बड़ी पहचान मिली। इसी प्रसिद्धि के बाद उन्हें नीम करौरी बाबा पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ में ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ गीत गाने का अवसर मिला, जिसने उन्हें देशभर में घर-घर तक पहुंचा दिया।
प्रशासनिक और व्यक्तिगत सहायता
सुनील की इस स्थिति को देखते हुए फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर उनकी आंखों के उपचार में सहायता के लिए आगे आई हैं। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी उनके इलाज में आर्थिक सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दे चुके हैं। फिलहाल, विशेषज्ञ चिकित्सकों की पूरी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि उनकी आंखों की रोशनी वापस लौटने की कितनी संभावना है।
















