पीएम मोदी ने सीएम साय को लिखा आत्मीय पत्र, बस्तर से सरगुजा तक के विकास और बदलाव की बयां की कहानी

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक विशेष पत्र भेजकर प्रदेशवासियों को बधाई दी है। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के साथ अपने पुराने और गहरे भावनात्मक रिश्तों को याद किया। उन्होंने राज्य के गठन से लेकर अब तक की विकास यात्रा, बस्तर में आए सकारात्मक बदलाव और डबल इंजन सरकार की कल्याणकारी नीतियों का विस्तार से जिक्र किया है।
- नक्सलवाद के साये से बाहर निकल रहा बस्तर
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि कभी नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर के रूप में पहचाने जाने वाले क्षेत्र अब शांति, विश्वास और प्रगति के नए केंद्र बन रहे हैं। सुरक्षा बलों के साहस और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से बस्तर में आए ऐतिहासिक बदलाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ‘नियद नेल्ला नार’ जैसी योजनाओं ने जनता को मुख्यधारा से जोड़ने का काम किया है।
- बुनियादी ढांचे और आधुनिक कनेक्टिविटी का विस्तार
राज्य में ट्रांसपोर्टेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति पर बात करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ ने लंबी छलांग लगाई है। आज राज्य में चार आधुनिक हवाई अड्डे हैं, 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है, और सड़क नेटवर्क के मजबूत होने से प्रमुख शहरों के बीच की दूरियां कम हुई हैं।
- जनकल्याण, कृषि और नारी शक्ति का सशक्तिकरण
कृषि और किसान: धान खरीदी की मजबूत व्यवस्था के जरिए राज्य के लाखों किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिला है।
महिला सशक्तिकरण: ‘महतारी वंदन योजना’ के माध्यम से लाखों माताओं-बहनों के खातों में नियमित आर्थिक सहायता पहुंच रही है, जिससे समाज में उनकी भागीदारी और मजबूत हुई है।
गरीब कल्याण: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, पक्के आवास, नल-जल योजना और आयुष्मान भारत के जरिए हर वर्ग तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
- ‘अंजोर विजन’ से विकसित भारत की ओर कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति, प्राकृतिक संपदा और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत प्रदेश को एक नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार का ‘अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट ‘विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
















