मध्यप्रदेश

विकास और सांस्कृतिक उल्लास के रंग में रंगा मध्यप्रदेश : 71वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गिनाईं उपलब्धियां

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश आज कृषि, उद्योग, रोजगार, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित तीन दिवसीय 71वें स्थापना दिवस समारोह (‘राज्योत्सव’) के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य की यह प्रगति किसी एक कालखंड या व्यक्ति का परिणाम नहीं, बल्कि यहां की परिश्रमी संस्कृति और संस्कारवान जनता का साझा प्रतिफल है।

निवेश, कृषि और युवा शक्ति को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 12 लाख करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश जमीन पर उतरा है। वर्ष 2025 को ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाने के बाद वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित किया गया है, जिसके तहत कृषि की विकास दर 24 प्रतिशत से अधिक दर्ज की गई है। किसानों को भूमि अधिग्रहण के एवज में चार गुना राशि देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को सब्सिडी के रूप में 490 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी प्रदेश लगातार तरक्की करते हुए देश में शीर्ष स्थान की ओर बढ़ रहा है।

भोपाल बनेगा ऐतिहासिक सेना दिवस का गवाह

युवाओं के उत्साह को बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि युवा वर्ष के पहले ही महीने में 15 जनवरी को भोपाल में सेना दिवस की भव्य और आकर्षक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस गरिमामयी आयोजन में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि भोपाल के शौर्य स्मारक से स्थापना दिवस की शुरुआत होना राज्य में राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम के भाव को और अधिक मजबूत करता है।

विभिन्न योजनाओं के विजेता हुए सम्मानित और गूंजे मोनाली ठाकुर के सुर

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘किसान कल्याण स्वाभिमान पर्व क्विज’ और ‘भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति’ के विजेताओं को सम्मानित किया। मेधावी विद्यार्थियों को 1-1 लाख रुपये की राशि और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए, जबकि क्विज विजेताओं को ट्रैक्टर, बुलेट मोटरसाइकिल और ई-स्कूटर वितरित किए गए।

सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका मोनाली ठाकुर की मनमोहक प्रस्तुति रही। उन्होंने ‘मोह-मोह के धागे’, ‘सवार लूँ’, ‘छम-छम’ और ‘बद्री की दुल्हनिया’ जैसे लोकप्रिय गीतों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

प्रदर्शनियों और आयोजनों का सिलसिला

समारोह के दूसरे दिन (2 नवंबर) लोक एवं जनजातीय नृत्यों की प्रस्तुतियां और ‘ब्रीदिंग फिएस्टा’ वाद्ययंत्र केंद्रित कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। इसके साथ ही, आधुनिक कृषि प्रदर्शनी, ‘राजा भोज का भोपाल’ विषयक 160 वॉटर कलर चित्रों की दीर्घा, स्वाद-देशज व्यंजन मेला और महिला उद्यमिता मंडप आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

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