नवा रायपुर में सांस्कृतिक महाकुंभ : राज्योत्सव के दूसरे दिन सजेगी कला, संगीत और लोकनृत्यों की भव्य महफिल

रायपुर। नवा रायपुर (अटल नगर) के राज्योत्सव प्रांगण में सोमवार, 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस समारोह का दूसरा दिन कला, लोकसंस्कृति और सुरीले संगीत के अनूठे मेल का गवाह बनेगा। छत्तीसगढ़ी परंपराओं के साथ-साथ भारतीय सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले इस आयोजन में प्रदेशभर के नामचीन और उभरते कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
राज्यपाल मुख्य अतिथि, संस्कृति मंत्री की अध्यक्षता में होगा कार्यक्रम
सोमवार को आयोजित होने वाले इस मुख्य सांस्कृतिक संध्या के मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल द्वारा की जाएगी। इस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री मोतीलाल साहू, श्री सुनील सोनी, श्री अनुज शर्मा और श्री इंद्र कुमार साहू सहित कई जनप्रतिनिधि और कला-संस्कृति जगत की प्रमुख हस्तियां विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।
मुख्य मंच के प्रमुख आकर्षण:
विशेष नाट्य मंचन ‘मैं अयोध्या हूं’ (शाम 6:00 से 7:00 बजे):
समारोह की शुरुआत शाम 6 बजे अयोध्या के पौराणिक, धार्मिक और ऐतिहासिक वैभव पर आधारित भव्य नाटक ‘मैं अयोध्या हूं’ से होगी, जो दर्शकों को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना से रूबरू कराएगा।
सुनील सोनी और स्वास्ति मेहुल की संगीतमय शाम:
शाम 7:00 से 8:00 बजे: छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक श्री सुनील सोनी अपनी चिरपरिचित शैली में छत्तीसगढ़ी गीतों से समां बांधेंगे।
रात 8:00 बजे से: जानी-मानी बॉलीवुड व लोक गायिका स्वास्ति मेहुल अपनी सुरीली आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगी।
शिल्पग्राम में 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और शास्त्रीय कला का संगम
मुख्य मंच के अतिरिक्त, दोपहर 3 बजे से ‘शिल्पग्राम’ परिसर में 11 अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित होंगी। इसमें लोककला, शास्त्रीय नृत्य और सुगम संगीत का अनूठा समावेश देखने को मिलेगा:
पंडवानी व सुआ नृत्य: दुर्ग की समप्रिया पूजा निषाद द्वारा ओजस्वी पंडवानी गायन और गरियाबंद की मिलवंतीन बाई की टीम द्वारा पारंपरिक सुआ नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी।
शास्त्रीय व लोकनृत्य: सुष्मिता दास (ओडिसी नृत्य), आंचल पाण्डेय व विनीता त्रिपाठी (कथक नृत्य) तथा प्रसन्ना अवस्थी, मेघा बोस ताम्रकार, रुखमनी दीवान व तेजराम साहू (लोकमंच व लोकसंगीत)।
सूफी, गजल व संगीत बैंड: बिलासपुर के अंकित निर्मलकर (सूफी व गजल गायकी) और आदित्य मिश्रा बैंड की विशेष संगीतमय प्रस्तुति।
स्थानीय प्रतिभाओं और संस्कृति को प्रोत्साहन
संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आयोजन पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्योत्सव का यह मंच राज्य की लोककलाओं के संरक्षण, संवर्धन और स्थानीय कलाकारों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।
राज्योत्सव का दूसरा दिन नवा रायपुर के प्रांगण को छत्तीसगढ़ी लोकआस्था, शास्त्रीय नृत्य, नाट्य कला और आधुनिक संगीत की अनूठी ऊर्जा से सराबोर करने के लिए तैयार है।
















