भिलाई टाउनशिप के 4 हजार परिवारों को बड़ा तोहफा, सीएम साय की पहल पर BSP आवासों का किराया 75% तक घटा

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों से भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) की टाउनशिप में रहने वाले हजारों परिवारों को एक बड़ी राहत मिली है। लंबे समय से बढ़ रहे आवास किराए की समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई थी। इसके बाद बीएसपी प्रबंधन ने रिटेंशन और थर्ड पार्टी श्रेणी के मकानों के किराए में भारी कटौती करने का फैसला लिया है।
नए आदेश के तहत अब इन दोनों श्रेणियों के लिए किराए की दर 6 रुपए प्रति वर्गफीट प्रति माह तय कर दी गई है। इस निर्णय से टाउनशिप के लगभग 3,946 परिवारों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा।
किराए में कितनी हुई कटौती?
रिटेंशन श्रेणी (Retention Category):
पुरानी दर: ₹24 प्रति वर्गफीट
नई दर: ₹6 प्रति वर्गफीट
राहत: किराए में 75% की भारी कमी दर्ज की गई है।
उदाहरण: 500 वर्गफीट के मकान का किराया जो पहले ₹12,000 प्रति माह था, वह अब घटकर मात्र ₹3,000 हो जाएगा। इससे हर परिवार को महीने में ₹9,000 और साल में ₹1,08,000 की सीधी बचत होगी।
थर्ड पार्टी श्रेणी (Third-Party Category):
पुरानी दर: ₹8 प्रति वर्गफीट
नई दर: ₹6 प्रति वर्गफीट
राहत: किराए में 25% की छूट मिलेगी।
इस फैसले से दोनों ही श्रेणियों की दरों में एकरूपता और पारदर्शिता भी आएगी।
पुराने किराए का समायोजन और अंतरिम व्यवस्था
बीएसपी के नगर सेवाएं विभाग द्वारा जारी संशोधित आदेश 2 नवंबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा।
पिछली राशि का एडजस्टमेंट: जिन आवासधारियों ने पहले अधिक दर पर किराए का भुगतान कर दिया है, उनकी अतिरिक्त राशि का समायोजन (Adjustment) विभागीय नियमों के अनुसार किया जाएगा।
यह दरें आगामी आधिकारिक आदेश तक अंतरिम राहत के रूप में लागू रहेंगी।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
फैसले के उपरांत, ‘भिलाई स्टील प्लांट सेवानिवृत्त कार्मिक कल्याण संघ’ और ‘थर्ड पार्टी कल्याण संघ’ के प्रतिनिधियों ने रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में श्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर आभार व्यक्त किया।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, विधायक श्री ललित चंद्राकर एवं श्री रिकेश सेन सहित दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: भिलाई इस्पात संयंत्र के निर्माण और विकास में अपना जीवन देने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए यह निर्णय बेहद राहत देने वाला है, जिससे सीमित आय वाले परिवारों पर से आर्थिक बोझ काफी कम होगा।
















