प्रशासनिक विकास और समृद्ध विरासत का नया अध्याय : मुख्यमंत्री साय ने ‘जशपुर : एक परिचय’ पुस्तक का किया विमोचन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA), नई दिल्ली द्वारा तैयार की गई विशेष कृति ‘जशपुर : एक परिचय’ का औपचारिक विमोचन किया। यह पुस्तक जशपुर जिले के ऐतिहासिक सफर, सुशासन, जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संसाधनों और इसके आर्थिक-सामाजिक बदलावों का एक व्यापक दस्तावेजीकरण है।
कार्यक्रम के दौरान IIPA छत्तीसगढ़ शाखा के अध्यक्ष व पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा, उपाध्यक्ष डॉ. इंदिरा मिश्रा तथा राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहे।
पुस्तक और जशपुर की मुख्य विशेषताएं:
व्यापक अध्ययन का आधार: IIPA के राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के तहत देशभर के जिलों की प्रशासनिक यात्रा के अध्ययन की पहल की गई है। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में से जशपुर की विशिष्ट भौगोलिक और सांस्कृतिक संरचना को देखते हुए इसका चयन किया गया।
सामूहिक आंकड़ों पर आधारित: 1998 में रायगढ़ से अलग होकर जिला बनने के कारण जशपुर का अलग गजेटियर उपलब्ध नहीं था। इस पुस्तक में रायगढ़ गजेटियर, 2011 जनगणना और स्थानीय प्रशासन से जुटाए गए प्रामाणिक डेटा का समावेश है।
प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विशिष्टता: छोटानागपुर पठार से जुड़े होने के कारण जशपुर की जलवायु, वन संपदा, नदियां और जलप्रपात इसे एक बेहतरीन पर्यटन केंद्र बनाते हैं। साथ ही, यहां की समृद्ध जनजातीय परंपराएं और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का भाव इसे मैदानी क्षेत्रों से अलग पहचान प्रदान करता है।
विकास और संतुलन पर जोर: मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकास की योजनाएं बनाते समय स्थानीय जरूरतों और प्राकृतिक संतुलन का ध्यान रखना जरूरी है। कृषि, वनोपज, पर्यटन और स्थानीय उद्यमशीलता को बढ़ावा देकर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को और मजबूत किया जा सकता है।
यह प्रकाशन शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और प्रशासकों के लिए जिले के इतिहास व भविष्य की प्राथमिकताओं को समझने में एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ के रूप में कार्य करेगा।
















