बेमेतरा में विकास का नया सवेरा : सीएम साय ने दी ₹105 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की सौगात

बेमेतरा। छत्तीसगढ़ सरकार ने बेमेतरा जिले की प्रगति को रफ्तार देने के लिए बुनियादी ढांचे और जन-सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों का बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने बेमेतरा दौरे के दौरान ₹105 करोड़ 4 लाख 69 हजार की लागत वाली विभिन्न विकास योजनाओं की शुरुआत की। खास बात यह रही कि अचानक बदले मौसम, तेज आंधी और बारिश के कारण मुख्य समारोह स्थल में व्यवधान जरूर आया, लेकिन इससे विकास का पहिया नहीं थमा। मुख्यमंत्री ने तुरंत निर्णय लेते हुए जिला पंचायत के सभागार से इन सभी विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन डिजिटल माध्यम से संपन्न किया।
प्रतिकूलताओं के बीच अटल रहा सरकार का संकल्प
इस अवसर पर जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कुदरत की चुनौतियां चाहे जैसी भी हों, जनता के हित और क्षेत्र के विकास के लिए सरकार का संकल्प अडिग है। मौसम की वजह से भले ही कार्यक्रम का स्थान बदलना पड़ा, लेकिन जनकल्याण के कार्यों को रोकने का कोई सवाल ही नहीं उठता। यह कदम शासन की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के प्रति उसकी जवाबदेही को दर्शाता है।
समावेशी विकास पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने विकास की परिभाषा को रेखांकित करते हुए कहा कि बुनियादी ढांचा तैयार करना सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा उद्देश्य नागरिकों के जीवन को सुगम, सुरक्षित और अवसरों से भरपूर बनाना है। स्वास्थ्य, शिक्षा, साफ पानी, पक्की सड़कें और सामाजिक सुरक्षा सीधे तौर पर हर परिवार के रहन-सहन के स्तर को ऊंचा उठाती हैं। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि इन योजनाओं का सीधा लाभ समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।
नए निर्माण कार्यों की नींव (भूमिपूजन)
क्षेत्र की तात्कालिक और दीर्घकालिक आवश्यकताओं को देखते हुए ₹78 करोड़ 1 लाख 33 हजार के कुल 13 नए विकास कार्यों की आधारशिला रखी गई। इन प्रमुख परियोजनाओं में शामिल हैं:
सड़क तंत्र का सुदृढ़ीकरण: बेरला-कोदवा-देवरबीजा-कर्मु मार्ग को टू-लेन में अपग्रेड कर मजबूत बनाना, भेड़नी-सल्धा-सिंधोरी मार्ग, बहिंगा-तिवरैया-सिमगा संपर्क मार्ग और सोढ़-रेवे-देवरबीजा समेत अन्य महत्वपूर्ण अंदरूनी ग्रामीण सड़कों का निर्माण।
सामाजिक व प्रशासनिक ढांचा: मिशन वात्सल्य योजना के तहत नए बाल संप्रेषण गृह का निर्माण, नगर सेना के प्रशासनिक भवन का निर्माण, और विभिन्न गांवों में आंतरिक सीसी रोड तथा नालियों का जाल बिछाना।
पूर्ण हो चुके कार्यों का समर्पण (लोकार्पण)
इसके साथ ही, ₹27 करोड़ 3 लाख 36 हजार की लागत से पूरी हो चुकी 5 बड़ी परियोजनाओं को जनता को समर्पित किया गया। इसके तहत:
ग्रामीण अंचलों में त्वरित और बेहतर प्राथमिक चिकित्सा के लिए नवनिर्मित ‘हमर क्लिनिक’ की शुरुआत की गई।
पेयजल और कृषि को बढ़ावा देने के लिए बोरिंग कार्य तथा कुछ पूरी हो चुकी महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं शामिल हैं।
स्वास्थ्य और सड़कें: तरक्की की जीवनरेखा
मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि बेहतर सड़कें केवल गाड़ियाँ चलने का रास्ता नहीं होतीं, बल्कि वे शिक्षा, रोज़गार, व्यापार और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को जोड़ने वाली जीवनरेखा हैं। जब गांव शहरों से और किसान सीधे मंडियों से जुड़ेंगे, तभी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इसके साथ ही, ‘हमर क्लिनिक’ जैसी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं ग्रामीणों को उनके घर के पास ही बेहतर इलाज की गारंटी देंगी।
पारदर्शिता और समय-सीमा के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जितने भी कार्यों का भूमिपूजन आज हुआ है, उन्हें तय समय के भीतर और उच्चतम गुणवत्ता मानकों के साथ पूरा किया जाए। काम में पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ के विज़न के साथ कदम मिलाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार हर वर्ग और हर क्षेत्र को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज शुरू हुए यह कार्य ‘विकसित बेमेतरा’ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री द्वय अरुण साव और विजय शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
















