बेटी की शादी के लिए जीपीएफ निकालने गए कर्मचारी से मांगी घूस, एसीबी ने बाबू को दबोचा

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विद्युत यांत्रिकी सिंचाई विभाग में कार्यरत सहायक ग्रेड-2 के कर्मचारी शिव कुमार ठाकुर को एसीबी की टीम ने 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबू अपने ही विभाग के एक कर्मचारी से उसका हक का पैसा जारी करने के नाम पर घूस की मांग कर रहा था।
क्या है पूरा मामला?
सिंचाई विभाग के ही एक कर्मचारी, नंद कुमार ने अपनी बेटी की शादी के खर्च के लिए अपने सामान्य भविष्य निधि (GPF) खाते से लगभग 5 लाख रुपये निकालने का आवेदन दिया था। आरोप है कि इस आवेदन को मंजूरी देने और फंड जारी करने के बदले में बाबू शिव कुमार ठाकुर ने 10 हजार रुपये के कमीशन (रिश्वत) की मांग की।
पीड़ित का दर्द: नंद कुमार ने बताया कि बेटी की शादी तय होने के कारण उन्हें रुपयों की सख्त जरूरत थी। पैसों की तंगी और बाबू की लगातार बढ़ती मांग से परेशान होकर उन्होंने भ्रष्टाचार के आगे झुकने के बजाय कानून का रास्ता चुना और इसकी शिकायत एसीबी (ACB) से कर दी।
जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन किया और आरोपी को पकड़ने के लिए एक सुनियोजित जाल बिछाया। रणनीति के मुताबिक, जैसे ही नंद कुमार ने कार्यालय में आरोपी शिव कुमार को केमिकल लगे 10 हजार रुपये सौंपे, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। इस छापेमारी में एसीबी के एक दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे।
अधिकारी का बयान
एसीबी के डीएसपी सुरेश सोनी ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया: शिकायत की तारीख: पीड़ित नंद कुमार ने इस संबंध में 22 जून को एसीबी रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी।
कार्रवाई: शिकायत की सत्यता जांचने के बाद आज जाल बिछाकर आरोपी सहायक ग्रेड-2 शिव कुमार ठाकुर को उसके ही दफ्तर से घूस लेते गिरफ्तार किया गया है।
फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ कर रही है। आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
















