देश-विदेश

छत्तीसगढ़ का ग्रीन एनर्जी विज़न : 2030 तक 15,000 MW हरित ऊर्जा और ₹5.60 लाख करोड़ के निवेश की तैयारी

नई दिल्ली (एजेंसी)। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन 2026 में छत्तीसगढ़ ने अपने भावी ऊर्जा रोडमैप का खाका प्रस्तुत किया। 2 से 5 नवंबर तक चलने वाले इस वैश्विक सम्मेलन का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया, जिसमें 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।

5.60 लाख करोड़ रुपए का निवेश रोडमैप

सम्मेलन के दौरान आयोजित गोलमेज बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में निवेश के नए अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अगले पाँच वर्षों में छत्तीसगढ़ ऊर्जा क्षेत्र में लगभग ₹5.60 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने की दिशा में काम कर रहा है।

इसके अंतर्गत मुख्य निवेश योजनाएँ इस प्रकार हैं:

नवीकरणीय ऊर्जा (23,923 MW capacity): लगभग ₹1.33 लाख करोड़ का निवेश।

ताप विद्युत विस्तार: लगभग ₹3.27 लाख करोड़ का निवेश।

पंप स्टोरेज (12,300 MW capacity): 10 परियोजनाओं में ₹65,000 करोड़ का प्रस्ताव।

परमाणु ऊर्जा (4,200 MW capacity): लगभग ₹1.60 लाख करोड़ के निवेश की परिकल्पना।

हरित ऊर्जा में 3 गुना से अधिक बढ़ोतरी का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार 2030 तक हरित ऊर्जा उत्पादन क्षमता को मौजूदा 3,000 मेगावाट से बढ़ाकर 15,000 मेगावाट करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इससे कुल बिजली मांग में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी 15% से बढ़कर 45% से अधिक हो जाएगी। भारत के 2030 तक 500 गीगावाट गैर-पारंपरिक ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ऊर्जा भंडारण और सौर गांव की सफलता

बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए राज्य ऊर्जा भंडारण तकनीकों को बढ़ावा दे रहा है:

अगले दो वर्षों में 10,000 MWh क्षमता की बैटरी स्टोरेज प्रणाली स्थापित करने की योजना है। (राजनांदगांव में 100 MW सौर ऊर्जा के साथ 40 MW/120 MWh की बैटरी प्रणाली पहले से कार्यरत है।)

राजनांदगांव का खैरा गांव छत्तीसगढ़ का पहला पूरी तरह से सौर ऊर्जा संचालित गांव बन गया है, जहाँ 141 घरों की छतों पर 2-2 kW के सोलर पैनल लगाए गए हैं।

जैव ऊर्जा और क्लीन फ्यूल पर जोर

कृषि अवशेषों और गोबर की उपलब्धता को देखते हुए राज्य में बायोगैस, एथेनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। 80 मीट्रिक टन क्षमता वाले 8 कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्रों पर कार्य चल रहा है, जिनमें ₹800 करोड़ का निवेश शामिल है। इसके अलावा निजी क्षेत्र से ₹6,000 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर प्रक्रिया जारी है।

वैश्विक निवेशकों को न्योता

सम्मेलन में लगे छत्तीसगढ़ के प्रदर्शनी स्टॉल का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया और देशी-विदेशी निवेशकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उद्योगपतियों को राज्य की अनुकूल नीतियों और आधारभूत संरचना का हवाला देते हुए छत्तीसगढ़ में निवेश करने का न्योता दिया।

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