शरद पवार अभी और ‘खेल’ दिखाएंगे, BJP, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे के लिए बढ़ाएंगे मुश्किल?
Maharashtra News: शरद पवार का के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की घोषणा के बाद कयासों और अटकलों का दौर जारी है. माना जा रहा है कि उनके इस फैसले से दूसरे दलों पर भी असर पड़ेगा.
इस्तीफे की घोषणा क्यों महत्वपूर्ण है?
2024 में लोकसभा चुनाव हैं और महाराष्ट्र लोकसभा सीटों की संख्या में देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है. बता दें की 2024 में ही महाराष्ट्र में विधानसभा के 288 सीटों पर चुनाव होने हैं, ऐसे में शरद पवार के एनसीपी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की घोषणा के कई मायने हैं.
एनसीपी, महाविकास आघाड़ी गठबंधन का हिस्सा है जिसमें एनसीपी के अलावा कांग्रेस और शिवसेना (ठाकरे) मुख्य पार्टियां हैं. अब ये देखना दिलचस्प होगा की लोकसभा चुनाव में सीटों का बंटवारा कैसे होगा. जून 2022 में शिवसेना में बगावत के समय ये कयास लगाए जा रहे थे कि 2019 के जैसे एक बार फिर बीजेपी और एनसीपी मिलकर सरकार बना सकते हैं लेकिन शिवसेना के एकनाथ शिंदे के बागी विधायक और बीजेपी ने मिलकर सरकार बनाया.
साजिश करने वालों का करारा जवाब
ऐसे में एनसीपी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की घोषणा से पार्टी की मजबूती को आधार मिला है. माना जा रहा है कि पवार के इस कदम से पार्टी के खिलाफ साजिश करने वालों को करारा जवाब मिला है और वह अगला कोई भी कदम उठाने से पहले कई बार सोचेंगे. इसके साथ ही जिन नेताओं पर पार्टी तोड़ने का शक था, वो भी अब ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे.
















