मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सुनीता के जीवन में आई नई खुशहाली, सरकार की मदद से आसान हुई वैवाहिक राह

रायपुर। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण गरीब परिवारों के लिए बेटियों की शादी करना एक बड़ी चुनौती होती है। छत्तीसगढ़ शासन की ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ ऐसे जरूरतमंद परिवारों के लिए एक बड़ा संबल बनकर सामने आ रही है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के नवापारा गांव की रहने वाली सुनीता की कहानी इस योजना की सफलता और इसकी उपयोगिता को बखूबी बयां करती है।
महामाया मंदिर में 54 जोड़ों के साथ शुरू हुआ नया सफर
मनेन्द्रगढ़ विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम नवापारा की निवासी सुनीता का विवाह 10 फरवरी 2025 को खड़गवां स्थित ऐतिहासिक महामाया मंदिर में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह के दौरान संपन्न हुआ था। इस भव्य आयोजन में कुल 54 जोड़ों ने एक साथ वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया।
सामूहिक विवाह के इस मंच पर नवविवाहित जोड़ों के लिए सभी आवश्यक तैयारियां एक ही स्थान पर की गई थीं, जिससे सुनीता और उनके परिवार को आयोजन के भारी-भरकम खर्चों और अन्य व्यवस्थाओं की चिंता से बड़ी राहत मिली। आज भी सुनीता अपने विवाह के उस दिन को अपने जीवन के सबसे यादगार और सुखद पलों में गिनती हैं।
50 हजार रुपये की आर्थिक मदद से दूर हुई चिंता
इस जनकल्याणकारी योजना के तहत पात्र जोड़ों को कुल 50,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस राशि का विवरण इस प्रकार है:
35,000 रुपये सीधे लाभार्थी जोड़े को चेक के माध्यम से दिए जाते हैं।
15,000 रुपये विवाह की व्यवस्थाओं जैसे कि भोजन, मंडप, सजावट, कपड़े, श्रृंगार सामग्री और उपहारों पर खर्च किए जाते हैं।
इस पारदर्शी और सुव्यवस्थित प्रक्रिया से न सिर्फ गरीब परिवारों का आर्थिक बोझ कम होता है, बल्कि उन्हें समाज के बीच पूरे सम्मान के साथ अपनी बेटी का विवाह संपन्न कराने का अवसर भी मिलता है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार
योजना से लाभान्वित होने के बाद सुनीता बेहद प्रसन्न हैं। उन्होंने अपनी और अपने परिवार की राह आसान करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया है। सुनीता का मानना है कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है, जिससे जरूरतमंदों की बड़ी चिंता दूर हो जाती है।
















